Lifestyle News: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य से जुड़े कई नए चैलेंज सामने आ रहे हैं। Infertility (बांझपन), Periods की अनियमितता, और कम उम्र में Periods शुरू होना — ये तीन ऐसी समस्याएं हैं जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को प्रभावित कर रही हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये समस्याएं अचानक इतनी आम क्यों हो गई हैं?
1. क्यों बढ़ रहा है महिलाओं में Infertility (बांझपन) का खतरा?
आज पहले की तुलना में अधिक महिलाएं प्रजनन संबंधी समस्याओं (Reproductive Health Issues) से जूझ रही हैं।
प्रमुख कारण:
- लेटलाइफ प्रेग्नेंसी (30+ उम्र के बाद गर्भधारण की कोशिश)
- PCOS/PCOD जैसे हार्मोनल विकार
- अनियमित जीवनशैली और खानपान
- तनाव, डिप्रेशन और नींद की कमी
- अत्यधिक एक्सरसाइज या बिलकुल भी न करना
- स्मार्टफोन और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग (EMF एक्सपोजर)
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विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
गायनाकोलॉजिस्ट्स के अनुसार, आज 10 में से 4 महिलाएं किसी न किसी रूप में फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी झेल रही हैं। इसमें IVF और अन्य सहायक तकनीकों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
2. Periods की समस्याएं क्यों हो रही हैं आम?
अनियमित Periods, बहुत कम या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, दर्दनाक मासिक धर्म — ये लक्षण आज 15 से 35 साल की अधिकांश महिलाओं में देखे जा रहे हैं।
कारण:
- PCOD/PCOS का बढ़ता ग्राफ
- डाइट में पोषक तत्वों की कमी (जैसे आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन D)
- जंक फूड और प्रोसेस्ड खाने का सेवन
- तनाव और मानसिक थकान
- फिजिकल एक्टिविटी की कमी
- हार्मोनल इम्बैलेंस (थायराइड, प्रोलैक्टिन आदि)
समाधान:
- संतुलित आहार, समय पर नींद और नियमित व्यायाम
- साल में एक बार हार्मोनल चेकअप
- समय पर मेडिकल परामर्श
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3. कम उम्र में क्यों आ रहा है लड़कियों को जल्दी Periods?
आजकल कई पैरेंट्स यह नोट कर रहे हैं कि उनकी बेटियों को 9-10 साल की उम्र में ही Periods शुरू हो रहे हैं, जो पहले 12-14 साल की उम्र में होते थे।
कारण:
- हार्मोन युक्त फूड्स और प्रोसेस्ड मीट
- तेज़ी से बदलता लाइफस्टाइल और मोटापा
- प्लास्टिक में पैक खाना और दूध
- स्क्रीन टाइम का बढ़ना और नींद की कमी
- जेनेटिक फैक्टर और पर्यावरणीय हार्मोनल डिसरप्टर्स (EDCs)
इसका असर:
जल्दी Periods शुरू होने से बच्ची की मेंटल हेल्थ, इमोशनल डेवलपमेंट, और शारीरिक विकास पर असर पड़ता है। यह Infertility के खतरे को भी बढ़ा सकता है।
डॉक्टरों की राय: हेल्दी लाइफस्टाइल ही है सबसे बड़ा इलाज
- 10-12 साल की उम्र से पहले Periods आना चिंता का विषय है।
- माता-पिता को चाहिए कि बच्चों के खानपान और स्क्रीन टाइम पर ध्यान दें।
- PCOD/PCOS जैसी समस्याओं को शुरुआत में पहचानकर कंट्रोल किया जा सकता है।
- मासिक धर्म चक्र में गड़बड़ी को हल्के में न लें, नियमित जांच कराएं।













