धनबाद: GGCET संत जेवियर्स इंटरनेशनल स्कूल, गोविंदपुर के कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित दो दिवसीय शैक्षणिक क्षेत्र भ्रमण ने बच्चों को प्रयोगात्मक ज्ञान से जोड़ दिया। विद्यार्थियों को झारखंड सरकार के हस्तकरघा, रेशम एवं हस्तशिल्प निदेशालय, बड़ीओ मोड़ ले जाया गया, जहां उन्होंने रेशम उत्पादन की सम्पूर्ण प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा।
रेशमकीट से रेशम बनने की प्रक्रिया देख हुए छात्र रोमांचित
छात्रों को बताया गया कि रेशमकीट का जीवन चक्र अंडों से शुरू होता है, जो लार्वा में बदलते हैं और अपने चारों ओर कोकून बनाते हैं। इस कोकून को उबालकर उससे लगभग 900 मीटर लंबा रेशम धागा निकाला जाता है।
यह अनुभव छात्रों के लिए शैक्षणिक रूप से समृद्ध और प्रेरणादायक रहा।
read more- गुरुजी अब हर बेटी की आंखों में जिंदा हैं- कल्पना सोरेन ने शिबू सोरेन को दी भावुक श्रद्धांजलि
शिक्षकों के मार्गदर्शन में ज्ञान की नई उड़ान
यह भ्रमण विद्यालय की विज्ञान शिक्षिका जरीन आफताब और शारीरिक प्रशिक्षण की शिक्षिका वीणा सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। दोनों शिक्षकों ने बच्चों को न केवल प्रक्रिया दिखाई, बल्कि उनसे संवाद भी किया जिससे बच्चों की जिज्ञासा और समझ और गहरी हो गई।
read more- बिहार में डीएसपी पर SVU का बड़ा एक्शन, 1.52 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त!
प्रायोगिक शिक्षा से मजबूत होती है नींव: प्राचार्य
विद्यालय के प्रधानाचार्य इन्द्रनाथ सिन्हा ने कहा कि “जब बच्चे चीजों को स्वयं देख और समझ पाते हैं, तो उनके अंदर जिज्ञासा और ज्ञान दोनों का विकास होता है। GGCET स्कूल बच्चों के समग्र विकास के लिए इस तरह की गतिविधियों को निरंतर आयोजित करता रहेगा।”












