Dhanbad: रंगदारी को लेकर बीसीसीएल की रेल लाइन बिछाने के कार्य में बाधा डालने से जुड़े चर्चित मामले में सुनवाई बुधवार को एमपी/एमएलए विशेष अदालत में हुई। विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अर्पिता नारायण की अदालत में सुनवाई के दौरान भाजपा सांसद ढुल्लू महतो उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से अधिवक्ताओं एन. के. सविता और नीरज बिशियार ने अदालत में पक्ष रखा।
मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा कोई गवाह पेश नहीं किया गया, जिसके बाद बचाव पक्ष के अनुरोध पर अदालत ने अभियोजन साक्ष्य को बंद कर दिया। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 29 अगस्त 2025 तय करते हुए सभी आरोपियों को सशरीर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसी दिन आरोपियों के धारा 313 CrPC के तहत सफाई बयान दर्ज किए जाएंगे।
क्या है मामला?
3 अगस्त 2021 को बरोरा थाना में भाजपा सांसद ढुल्लू महतो समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि सोनारडीह से शताब्दी माइंस तक रेल लाइन बिछाने के कार्य में रंगदारी के लिए बाधा पहुंचाई गई। यह कार्य बीसीसीएल के अंतर्गत एचसीपीएल और एमबीपीएल जेवी द्वारा कराया जा रहा था। इसमें मॉडर्न इंटरप्राइजेज कंपनी के प्रोपराइटर रियाज कुरैशी ने थाना में लिखित शिकायत दी थी।
रियाज ने अपने बयान में बताया कि 2 अगस्त 2021 को जब साइडिंग पर काम चल रहा था, तभी रामेश्वर महतो और आनंद शर्मा लगभग दस-बारह लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि “विधायक जी बोले हैं कि काम बंद कर दो, मालिक को बुलाओ और मैनेज करो। रंगदारी के बिना एक इंच काम नहीं करने देंगे।” इसके बाद काम बाधित हो गया।
सूचना मिलने पर डीएसपी निशा मुर्मू और बरोरा थाना प्रभारी नीरज कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी जा चुके थे। जांच के बाद सांसद ढुल्लू महतो, आनंद शर्मा और रामेश्वर साव के खिलाफ आरोप तय कर मुकदमे की सुनवाई शुरू की गई।











