Ranchi: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने भाजपा नेताओं द्वारा राजनीतिक शुचिता और भ्रष्टाचार को लेकर दिए जा रहे बयानों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को कांग्रेस पर सवाल उठाने से पहले अपने दल के नेताओं का रिकॉर्ड देखना चाहिए।
सोनाल शांति ने कहा कि भाजपा में ऐसे कई नेता शामिल हैं जिन पर भ्रष्टाचार, बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। इसके बावजूद भाजपा उन्हें संरक्षण देती रही है और दूसरी ओर कांग्रेस को नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का राजनीतिक पाखंड है।
भाजपा ने आरोपित नेताओं को दिए बड़े पद
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शारदा चिटफंड घोटाले और लुई बर्गर स्कैम जैसे मामलों में आरोपों का सामना कर चुके नेताओं को भाजपा ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कैमरे पर कथित रूप से घूस लेते पकड़े गए नेताओं को भी भाजपा संरक्षण देती रही है।
सोनाल शांति ने कहा कि भाजपा केवल विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जबकि अपने नेताओं के खिलाफ लगे आरोपों पर चुप्पी साध लेती है।
प्रेम खांडू सरकार पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रेम खांडू को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संपत्ति में असामान्य वृद्धि को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं। साथ ही सरकारी ठेकों और संसाधनों के आवंटन को लेकर भी लगातार विवाद सामने आते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन मामलों पर न्यायपालिका की टिप्पणियां भी सामने आ चुकी हैं, इसलिए भाजपा को इन मुद्दों पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
भाजपा को नैतिकता पर बोलने का अधिकार नहीं
सोनाल शांति ने कहा कि भाजपा उन नेताओं को संरक्षण देती रही है जिन पर महिलाओं के यौन शोषण और अन्य गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने कुलदीप सेंगर और मनोहर लाल धाकड़ जैसे नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों के हिसाब से आरोपियों के प्रति अलग-अलग रवैया अपनाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक दबाव बनाने का काम करती है।
आलमगीर आलम मामले में भाजपा पर साजिश का आरोप
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलमगीर आलम के खिलाफ भाजपा ने राजनीतिक साजिश रची। उन्होंने दावा किया कि आलमगीर आलम के आवास या अन्य ठिकानों से कोई बरामदगी नहीं हुई, फिर भी उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के तहत निशाना बनाया गया।
सोनाल शांति ने कहा कि यदि जांच एजेंसियों की कार्रवाई को ही दोष सिद्धि मान लिया जाए, तो भाजपा को अपने नेताओं के मामलों में भी जवाब देना होगा।
ईडी की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच ईडी द्वारा कई विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई की गई, लेकिन दोषसिद्धि के मामले बेहद कम रहे। उन्होंने कहा कि इससे एजेंसियों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने दावा किया कि आलमगीर आलम को जमानत मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। वहीं भाजपा भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे नेताओं को सम्मान देती है और फिर कांग्रेस पर सवाल उठाती है।

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