Bihar News– बिहार के गया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां होमगार्ड भर्ती के लिए आई एक 26 वर्षीय युवती के साथ चलती एंबुलेंस में गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने शनिवार को एंबुलेंस के ड्राइवर और टेक्नीशियन को गिरफ्तार कर लिया है.
क्या है पूरा मामला?
यह शर्मनाक वारदात 24 जुलाई (गुरुवार) की बताई जा रही है, जिसका खुलासा शुक्रवार देर रात हुआ. पीड़िता बीएमपी-3 (BMP-3) के परेड ग्राउंड में आयोजित होमगार्ड भर्ती के फिजिकल टेस्ट में भाग लेने गई थी. दौड़ के दौरान वह बेहोश होकर गिर गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद एंबुलेंस को बुलाया गया और उसे अस्पताल ले जाया गया.
read more- हंगामे की भेंट चढ़ा बिहार विधानसभा का मानसून सत्र, विपक्ष के विरोध के बीच केवल 19 मिनट चली कार्यवाही
चलती एंबुलेंस में गैंगरेप
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, युवती ने बताया कि उसे एंबुलेंस में बैठाने के बाद रास्ते में टेक्नीशियन ने “इलाज” के बहाने छेड़छाड़ शुरू कर दी. फिर उसके चेहरे पर किसी स्प्रे का इस्तेमाल किया गया, जिससे वह बेहोश हो गई. इसके बाद चलती एंबुलेंस में टेक्नीशियन ने दुष्कर्म किया और सुनसान स्थान पर गाड़ी रोककर ड्राइवर ने भी दरिंदगी की.
अस्पताल में खुला मामला
सिकरिया मोड़ के पास घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी पीड़िता को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए. वहां आपातकालीन कक्ष में इलाज के दौरान जब युवती को होश आया, तो उसने महिला डॉक्टर को घटना की जानकारी दी. डॉक्टर की सूचना पर पुलिस तत्काल हरकत में आई.
CCTV फुटेज और FSL जांच से खुलासा
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एंबुलेंस की गतिविधियों में संदेहास्पद गतिविधि पाई गई. FSL टीम ने एंबुलेंस से साक्ष्य जुटाए और आरोपियों के कपड़े भी जब्त किए गए. मेडिकल जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की गई.
- ड्राइवर: विनय कुमार (निवासी – उतरेन, गया)
- टेक्नीशियन: अजीत कुमार (निवासी – चांदपुर, नालंदा)
बोधगया थाना में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
read more- PM मोदी Maldives के 60वें स्वतंत्रता दिवस पर हुए शामिल; भारत-मालदीव के बीच 8 समझौते
भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा पर सवाल
बिहार में होमगार्ड के 15,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत गया में 909 पदों के लिए फिजिकल एग्जाम 21 मई से 26 जुलाई तक बीएमपी-03 के परेड ग्राउंड-2 में चल रहा था. यह घटना न केवल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में सुरक्षा उपायों की कमी पर भी सवाल खड़े करती है.













