HEC update: नई दिल्ली में हुई संसदीय केंद्रीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक में हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) के पुनरुद्धार की उम्मीदें जगीं. बैठक में एचईसी की आठ श्रमिक यूनियनों और ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कंपनी को आर्थिक संकट से उबारने के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की.
बैठक की अध्यक्षता कर रहे राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा ने साफ किया कि “एचईसी बंद नहीं होगा. हमारा प्रयास है कि एचईसी दोबारा चले और उसकी उत्पादन क्षमता को बहाल किया जाए.”
कर्मचारियों की प्रतिबद्धता सराहनीय
यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि भले ही कंपनी गंभीर आर्थिक स्थिति से गुजर रही है, फिर भी कर्मचारी पूरी मेहनत से उत्पादन कार्य में लगे हुए हैं. लेकिन पुरानी मशीनें और बढ़ती लागत के कारण उत्पादकता प्रभावित हो रही है.
सांसदों और अधिकारियों ने दिया भरोसा
बैठक में लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ-साथ उद्योग मंत्रालय के प्रधान सचिव कमरान रिज़वी, संयुक्त सचिव विजय मित्तल और एचईसी के सभी निदेशक मौजूद रहे. सभी ने एचईसी को ज्यादा कार्यादेश देने और अन्य सरकारी उपक्रमों के साथ समन्वय स्थापित कर कंपनी को पुनः खड़ा करने की रणनीति पर चर्चा की.
मर्जर और तकनीकी उन्नयन पर भी चर्चा
बैठक में एचईसी को किसी बड़े सार्वजनिक उपक्रम (PSU) में विलय करने की संभावना और इसरो, कोल इंडिया, डीआरडीओ और सेल जैसे संगठनों से सहयोग की रूपरेखा भी पेश की गई.
जल्द बदलेगा एचईसी का भाग्य
एचईसी के प्रभारी सीएमडी केएस मूर्ति ने भरोसा दिलाया कि “बहुत जल्द एचईसी के दिन फिरेंगे और इसे दोबारा गौरवशाली स्थिति में लाया जाएगा.”












