रांची: झारखंड विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विधायक हेमलाल मुर्मू ने केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मनरेगा, गांधी के नाम के इस्तेमाल, सरना धर्म कोड, पेसा कानून और ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उनके भाषण के बाद सदन में तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
मनरेगा और गांधी के नाम पर सवाल
मुर्मू ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना वर्ष 2009 से प्रभावी ढंग से लागू हुई और 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से लाई गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गांधी जी के नाम से परहेज करती है और सरकारी योजनाओं व संस्थानों के नाम बदलने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उन्होंने कहा कि “बापू का अपमान” नहीं होना चाहिए और मनरेगा को और मजबूत किया जाना चाहिए।
केंद्र–राज्य अधिकारों पर भी उठाए सवाल
हेमलाल ने कहा कि पहले राज्य सरकार के पास जो अधिकार थे, उनमें कटौती हुई है। उन्होंने महिलाओं को 60% रोजगार देने के दावे पर भी सवाल उठाया और कहा कि जमीनी स्तर पर कटौती हो रही है।
सरना धर्म कोड और पेसा कानून
उन्होंने सरना धर्म कोड को लेकर भाजपा पर विरोध का आरोप लगाया। साथ ही पेसा कानून (PESA) को आदिवासी संस्कृति सुदृढ़ करने वाला कानून बताते हुए कहा कि इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
ओबीसी आरक्षण और बेरोजगारी का मुद्दा
मुर्मू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओबीसी को 27% आरक्षण देने के फैसले का भाजपा विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगार युवाओं से रोजगार के नाम पर वादे किए गए, लेकिन नियुक्तियों में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।
केंद्रीय मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया
उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के हालिया रांची दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो रही है, लेकिन वे “डरने वाले नहीं हैं।”
विपक्ष की आपत्ति और प्रतिक्रिया
कोडरमा विधायक नीरा यादव ने हेमलाल मुर्मू के बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे राष्ट्रविरोधी टिप्पणी से जोड़ने की कोशिश बताई।
वहीं भाजपा विधायक सी.पी. सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हेमलाल मुर्मू का भाषण किसी और से लिखवाया हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुर्मू को “लोकसभा में रहना चाहिए था।”
इस पर हेमलाल मुर्मू ने जवाब दिया कि भाजपा से जो लड़ेगा, वही जनता का समर्थन पाएगा और दल बदलकर जाने वालों पर भी कटाक्ष किया।
सदन में बढ़ी राजनीतिक गर्माहट
भाषण के दौरान गांधी के नाम, मनरेगा, सरना धर्म कोड और आरक्षण जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी बहस हुई। सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप–प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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