जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस के रुप में कार्यभार संभाला. बता दें Chief Justice of India यानी मुख्य न्यानाधीश सुप्रीम कोर्ट के मुखिया होते है. वें देश की न्यायिक प्रणाली के सबसे उच्चे पद पर होते है. जिन्हें अच्छे सैलेरी के साथ-साथ कई तरह के सरकारी सुविधाएं भी मिलती है.
CJI की कितनी सैलरी होती है?
भारत के मुख्य न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जज वेतन अधिनियम के तहत 2.80 लाख प्रति माह मिलते है. वहीं उनको सैलेरी के साथ-साथ अलग से भी कई सुविधाएं मिलती है, जिनमें शामिल है:-
- दिल्ली में मुफ्त सरकारी आवास
- निजी सहायक, ड्राइवर और सुरक्षाकर्मी
- बिजली-पानी मुफ्त या बहुत कम दरों पर
- फ्री मोबाइल के साथ लैंडलाइन फोन
- सरकारी खर्च पर देश-विदेश की यात्रा
- फ्री मेडिकल सुविधा
- सेवा के बाद पेंशन और सुरक्षा लाभ.
कौन है CJI बी.आर.गवई ?
मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई नागपुर के मूल निवासी हैं. उन्होंने अपनी संपूर्ण शिक्षा नागपुर में ही प्राप्त की. अपने विधिक करियर की शुरुआत उन्होंने संविधान और प्रशासनिक कानून में विशेषज्ञता के साथ की थी. वे नागपुर महानगरपालिका, अमरावती महानगरपालिका और अमरावती विश्वविद्यालय के लिए स्थायी अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किए गए थे. इसके अतिरिक्त, उन्होंने सायकॉम (SICOM), डीसीवीएल (DCVL) जैसी विभिन्न स्वायत्त संस्थाओं और निगमों के साथ-साथ विदर्भ क्षेत्र की अनेक नगरपालिका परिषदों का भी नियमित रूप से प्रतिनिधित्व किया.













