National News: चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और वेंकैया नायडू मौजूद रहे।
शपथ ग्रहण समारोह की एक और खास बात यह रही कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, जो 53 दिन पहले स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे चुके थे, पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नज़र आए।
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राज्यसभा नेताओं से करेंगे पहली बैठक
सूत्रों के मुताबिक, राधाकृष्णन शपथ के तुरंत बाद दोपहर 12:30 बजे राज्यसभा नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक की घोषणा गुरुवार रात की गई थी।
भारी जीत से उपराष्ट्रपति बने राधाकृष्णन
राधाकृष्णन को 9 सितंबर को हुए चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के मुकाबले 452 वोट मिले। रेड्डी को 300 वोट मिले और इस तरह राधाकृष्णन ने 152 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
राज्यसभा चुनाव में ये रही खास बातें:
- कुल 781 सांसदों में से 767 ने मतदान किया (वोटिंग प्रतिशत: 98.2%)
- 752 वोट वैध, 15 अवैध
- NDA को 427 वोट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन राधाकृष्णन को 14 वोट ज्यादा मिले
- YSR कांग्रेस के 11 सांसदों ने समर्थन दिया
- 13 सांसदों ने मतदान नहीं किया, जिनमें BJD (7), BRS (4), शिअद (1) और एक निर्दलीय शामिल हैं
- क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज
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राज्यपाल पद से दिया इस्तीफा
शपथ से एक दिन पहले, राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से इसकी पुष्टि की गई। उनके इस्तीफे के बाद, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।













