झारखंड (Jharkhand) – जहाँ जंगल बोलते हैं, झरने गाते हैं और संस्कृति साँस लेती है।
परिचय
झारखंड (Jharkhand) – नाम सुनते ही आँखों के सामने घने जंगल, पहाड़ियाँ, झरनों की कलकल ध्वनि, और आदिवासी संस्कृति की सादगी उभर आती है। “झार” / “Jhar” यानी जंगल (Forest) और “खंड” / “Khand” यानी भूमि (Land) – इस प्रकार झारखंड का अर्थ है “जंगलों की धरती” / “Land of forests”। यह राज्य न केवल प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, बल्कि इतिहास, संघर्ष, संस्कृति और आत्मसम्मान की एक जीवंत कहानी भी है।
15 नवंबर 2000 को, महान जननायक भगवान बिरसा मुंडा (Birsa Munda) की जयंती के दिन, झारखंड भारत के 28वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। यह दिन केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं था, बल्कि सदियों से चले आ रहे संघर्षों की ऐतिहासिक जीत थी।
Geographical features : पठार (Plateau), पहाड़ (Mountains) और नदियाँ (Rivers)
झारखंड का अधिकांश भाग छोटानागपुर पठार (Chota Nagpur Plateau) पर स्थित है। यही पठार कई प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल है – जैसे स्वर्णरेखा (Swarnarekha), दामोदर (Damodar), उत्तर कोयल (North Koel), दक्षिण कोयल(South Koel), बराकर (Barakar) और ब्राह्मणी (Brahmani)।
राज्य की भूमि लाल मिट्टी (Red soil), लेटराइट मिट्टी (Laterite soil), काली मिट्टी (black soil) और बालुई मिट्टी (Sandy soil) से बनी है, जो इसे खनिजों से भरपूर बनाती है।
यहाँ के जंगल आज भी हाथियों, बाघों और अनेक दुर्लभ वन्य जीवों का आश्रय हैं। पलामू टाइगर रिज़र्व (Palamu Tiger Reserve), दलमा वन्यजीव अभयारण्य (Dalma Wildlife Sanctuary) और बेटला नेशनल पार्क (Betla National Park) इस जैव विविधता के जीवंत उदाहरण हैं।
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जलवायु : हर मौसम की अपनी कहानी
झारखंड की जलवायु मुख्यतः उष्णकटिबंधीय (Tropical ) है।
- सर्दी (November-February): सबसे सुहावना मौसम
- गर्मी (March-June): तापमान 37°C तक
- मानसून (July-September): वर्षा का मुख्य समय
रांची जैसे शहरों में सर्दियों की ठंडी सुबह और मानसून की हरियाली मन मोह लेती है।
इतिहास : संघर्ष, स्वाभिमान और स्वतंत्रता
झारखंड की धरती ने सिंधु-पूर्व ऐतिहासिक काल से लेकर आधुनिक भारत तक, हर युग को देखा है। महाभारत काल में इसे कर्कखंड कहा गया। मौर्य, गुप्त, पाल और नागवंशी राजाओं ने यहाँ शासन किया।
ब्रिटिश काल में झारखंड आदिवासी आंदोलनों का केंद्र बना —
- तिलका मांझी (Tilka Manjhi)
- सिद्धू-कान्हू (संथाल विद्रोह) Sidhu and Kanhu (Santhal Rebellion)
- बिरसा मुंडा का उलगुलान (Birsa Munda’s Ulgulan)
ये आंदोलन केवल सत्ता के विरुद्ध नहीं थे, बल्कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए थे।
झारखंड (Jharkhand) आंदोलन और राज्य गठन
स्वतंत्रता के बाद भी झारखंड की उपेक्षा जारी रही। तब जयपाल सिंह मुंडा (Jaipal Singh Munda), शिबू सोरेन (Shibu Soren), बिनोद बिहारी महतो (Binod Bihari Mahto) जैसे नेताओं ने अलग राज्य की माँग को जन आंदोलन बनाया। लंबे संघर्षों के बाद बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 पारित हुआ और झारखंड राज्य अस्तित्व में आया।
प्रशासनिक संरचना
- राजधानी: रांची
- उप-राजधानी: दुमका
- जिले: 24
- विधानसभा सीटें: 82
राज्य पाँच प्रमंडलों में विभाजित है – पलामू, उत्तर छोटानागपुर, दक्षिण छोटानागपुर, कोल्हान और संताल परगना।

जनसंख्या और सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के अनुसार झारखंड की जनसंख्या लगभग 3.3 करोड़ है। यहाँ 26% से अधिक जनसंख्या अनुसूचित जनजातियों की है – संथाल (Santhal), मुंडा (Munda), हो (Ho), उरांव (Oraon), खड़िया (Kharia) आदि। यह विविधता झारखंड को एक सांस्कृतिक इंद्रधनुष बनाती है।
भाषाएँ और धर्म
हिंदी राज्य की आधिकारिक भाषा है, परंतु यहाँ नागपुरी (Nagpuri), खोरठा (Khortha), संताली (Santhali), हो (Ho), मुंडारी (Mundari), कुरुख (Kurukh), उर्दू (Urdu), बांग्ला (Bengali) और ओड़िया (Odia) जैसी अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं।
धार्मिक दृष्टि से यहाँ
- हिंदू धर्म (बहुसंख्यक) / Hinduism (majority)
- इस्लाम / Islam
- ईसाई धर्म / Christianity
- सारना धर्म (आदिवासी आस्था) / Sarnaism (tribal faith)
सह-अस्तित्व में फलते-फूलते हैं।
संस्कृति : पर्व, नृत्य और रंग
झारखंड की संस्कृति प्रकृति से गहराई से जुड़ी है।
प्रमुख त्योहार –
- सरहुल (Sarhul)
- करम (Karam)
- सोहराय (Sohrai)
- तुसु (Tusu)
- बाहा पर्व (Baha Festival)

लोकनृत्य –
- छऊ (Chhau)
- झूमर (Jhumar)
- डोमकच (Domkach)
- संथाली नृत्य (Santhali dance)

सोहराय (Sohrai) और खोवर (Khovar) चित्रकला, दीवारों पर उकेरी गई लोकभावनाओं की अद्भुत अभिव्यक्ति है।
खान-पान : सादगी में स्वाद
झारखंड का भोजन सरल लेकिन स्वादिष्ट है –
- धुसका
- चिलका रोटी
- पिठा
- अरसा रोटी
- रुगड़ा (जंगली मशरूम)
हंडिया (चावल की शराब) आदिवासी समाज में सांस्कृतिक महत्व रखती है।

अर्थव्यवस्था : खनिजों की खान
झारखंड भारत के खनिज मानचित्र में एक रीढ़ की तरह है। यहाँ कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, यूरेनियम, तांबा और माइका प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो जैसे शहर औद्योगिक शक्ति केंद्र हैं। इसके बावजूद, “संसाधन अभिशाप” की समस्या यहाँ आज भी चुनौती बनी हुई है।
पर्यटन : प्रकृति और आस्था का संगम
झारखंड को “झरनों की भूमि” / “Land of waterfalls” भी कहा जाता है-
- हुंडरू जलप्रपात (Hundru Falls)
- दशम जलप्रपात (Dassam Falls)
- जोन्हा जलप्रपात (Jonha Falls)

धार्मिक स्थल –
- बैद्यनाथ धाम (12 ज्योतिर्लिंगों में एक) / Baidyanath Dham (one of the 12 Jyotirlingas)
- पारसनाथ (सम्मेद शिखर) / Parasnath (Sammed Shikhar)
- रजरप्पा / Rajrappa
- देवड़ी मंदिर / Deori Temple

खेल और उपलब्धियाँ
झारखंड ने भारत को महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni), दीपिका कुमारी (Deepika Kumari), जयपाल सिंह (Jaipal Singh) जैसे रत्न दिए हैं। रांची और जमशेदपुर खेल संस्कृति के प्रमुख केंद्र हैं।
झारखंड (Jharkhand) आत्मा से जुड़ा राज्य
झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि संघर्ष, प्रकृति, संस्कृति और स्वाभिमान की जीवंत पहचान है। यहाँ की मिट्टी में इतिहास की गूंज है, जंगलों में भविष्य की संभावनाएँ हैं और लोगों में अटूट साहस।












