रांची: झारखंड के लिए गर्व का क्षण तब बना जब रांची के सात वर्षीय बाल तैराक Ishank Singh ने भारत और श्रीलंका के बीच स्थित चुनौतीपूर्ण पाल्क स्ट्रेट को पार कर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में इशांक सिंह को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने Ishank Singh को 5 लाख रुपये का चेक, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।
बताया गया कि Ishank Singh ने 30 अप्रैल 2026 को लगातार 9 घंटे 50 मिनट तक तैराकी करते हुए करीब 29 किलोमीटर लंबे पाल्क स्ट्रेट को पार किया। इतनी कम उम्र में इस कठिन समुद्री मार्ग को पार करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि Ishank Singh ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से पूरे झारखंड का नाम देश और दुनिया में रोशन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है और खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं एवं बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि Ishank Singh जैसे प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव सहायता करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में तैराकी प्रशिक्षण और सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य योजना तैयार की जाए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने Ishank Singh के माता-पिता और कोच को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, खेल विभाग के सचिव मुकेश कुमार समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।







