Jharkhand के कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को कुल 27 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 25 भाकपा माओवादी (CPI Maoist) और 2 जेजेएमपी (JJMP) संगठन के सदस्य बताए जा रहे हैं। कई नक्सली लाखों के इनामी थे और लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सब-जोनल कमांडर, एरिया कमांडर और एरिया कमेटी सदस्य स्तर के उग्रवादी शामिल हैं। इनके पास से LMG, INSAS और SLR जैसे आधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं।
5 लाख के इनामी नक्सलियों ने डाले हथियार
सरेंडर करने वालों में रेखा मुंडा उर्फ जयंती और सगे नागरिया सबसे बड़े नाम हैं। दोनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। रेखा मुंडा पर 18 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं, जबकि सगे नागरिया 23 नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है।
सुलेमान हांसदा, जो सब-जोनल कमांडर बताया जा रहा है, उस पर भी 5 लाख रुपये का इनाम था। उसने इंसास रायफल के साथ आत्मसमर्पण किया।
हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण
कारण उर्फ डांगर ने LMG के साथ सरेंडर किया। वहीं गादी मुंडा, दमोचरण टीयू और सुलेमान हांसदा इंसास रायफल के साथ पुलिस के सामने पहुंचे।
दशान हांसदा, बैजनाथ मुंडा, रघु कायम उर्फ गुना, दुर्गा सिक्का, बिरसा कोड़ा, नीति हेंब्रम और लागू तिरिया ने SLR रायफल के साथ आत्मसमर्पण किया।
बैजनाथ मुंडा और बासमती जिराई को एरिया कमांडर बताया गया है। राम डायन मुंडा एरिया कमेटी सदस्य था, जबकि सुनीता सरदार, सपना, सुशारी, मुनि राम मुंडा और नौवेश सक्रिय माओवादी सदस्य बताए जा रहे हैं।
बच्चे के साथ सरेंडर करने पहुंची महिला नक्सली
वंदना उर्फ शांति अपने बच्चे के साथ आत्मसमर्पण करने पहुंची। यह दृश्य वहां मौजूद अधिकारियों और सुरक्षाबलों के लिए भी भावुक पल बन गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का असर अब जमीन पर दिखने लगा है और कई नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
JJMP के दो सदस्य भी शामिल
जेजेएमपी संगठन के सचिन बे और सरवन ने भी हथियार छोड़ दिए। सचिन बे पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि सरवन के खिलाफ 8 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों की सूची
CPI Maoist Members
- कारण उर्फ डांगर — LMG के साथ सरेंडर
- गादी मुंडा — इंसास रायफल के साथ सरेंडर
- नागेन्द्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा
- रेखा मुंडा उर्फ जयंती — सब जोनल कमांडर, 18 कांड, ₹5 लाख की इनामी
- सगे नागरिया — 23 कांड, ₹5 लाख का इनामी
- दशान हांसदा — SLR रायफल के साथ सरेंडर
- सुलेमान हांसदा — सब जोनल कमांडर, 13 कांड, ₹5 लाख का इनामी
- बैजनाथ मुंडा — एरिया कमांडर, SLR रायफल के साथ सरेंडर
- बासमती जिराई — एरिया कमांडर
- रघु कायम उर्फ गुना — SLR रायफल के साथ सरेंडर
- दुर्गा सिक्का — SLR रायफल के साथ सरेंडर
- राम डायन मुंडा — 4 कांड, एरिया कमेटी सदस्य
- वंदना उर्फ शांति — बच्चे के साथ सरेंडर
- सुनीता सरदार — 4 कांड, भाकपा माओवादी सदस्य
- डांगर बोरपाइ — रायफल के साथ सरेंडर
- बसंती देवगन — 5 कांड में शामिल
- मुनि राम मुंडा — भाकपा माओवादी सदस्य
- सपना — 6 कांड, भाकपा माओवादी सदस्य
- सुशारी — भाकपा माओवादी सदस्य
- बिरसा कोड़ा — SLR रायफल के साथ सरेंडर
- नौवेश — भाकपा माओवादी सदस्य
- दमोचरण टीयू — इंसास रायफल के साथ सरेंडर
- नीति हेंब्रम — SLR रायफल के साथ सरेंडर
- लागू तिरिया — SLR रायफल के साथ सरेंडर
- एक अन्य माओवादी सदस्य
JJMP Cadres
- सचिन बे — ₹5 लाख का इनामी
- सरवन — 8 कांड में शामिल
कई बड़े हमलों में रहे शामिल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले कई नक्सली सुरक्षाबलों पर हमले, IED ब्लास्ट, हथियार लूट और पुलिस मुठभेड़ों जैसी बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनमें पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमला, पुलिस बलों पर फायरिंग और विस्फोट जैसी घटनाएं भी शामिल हैं।
“ऑपरेशन नवजीवन” का असर
Jharkhand पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन नवजीवन” के तहत नक्सलियों को आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, लगातार अभियान और सुरक्षा बलों के दबाव के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं।








