Jharkhand News: बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने महागठबंधन समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद इरफान आलम के पक्ष में गुरुवार को कसबा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाया।
उन्होंने क्षेत्र के बसंतपुर संथाली टोला, जलालगढ़ मिश्री नगर, बरेटा संथाल टोला, मिर्जाबाड़ी उरांव टोला, गेरुआ आदिवासी टोला समेत कई गांवों में घर-घर जाकर लोगों से कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील की।
शिल्पी नेहा तिर्की बोलीं — “गांधी के अनुयायियों बनाम गोडसे के भक्तों का है ये चुनाव”
जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई है।
उन्होंने कहा – “एक तरफ महात्मा गांधी के भक्तों का गठबंधन है, तो दूसरी तरफ गोडसे को पूजने वालों का। बिहार की जनता को तय करना है कि वे किसका साथ देंगी।”
उन्होंने NDA पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका उद्देश्य समाज को जाति, धर्म और भाषा के आधार पर बांटकर सत्ता पर काबिज रहना है, जबकि महागठबंधन सभी वर्गों को जोड़ने और सामाजिक सौहार्द के साथ विकास करने में विश्वास रखता है।
“NDA ने आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों को उनके हाल पर छोड़ा”
कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि बिहार की वर्तमान सरकार ने आदिवासी, दलित और पिछड़े समाज को विकास की मुख्यधारा से बाहर रखा है। उन्होंने कहा- “सरकार की योजनाओं का लाभ इन वर्गों तक नहीं पहुंच पा रहा है। बिहार में अब बदलाव का समय है, और जनता इस बार वोट की चोट से NDA को जवाब देगी।”
“किसानों का कर्ज माफ, महिलाओं को सम्मान राशि”
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार किसानों के लिए 2 लाख तक की ऋण माफी, 200 यूनिट फ्री बिजली, महिलाओं को ₹2500 सम्मान राशि, और सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना जैसी योजनाएं चला रही है।
उन्होंने कहा कि यदि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो इसी तरह की जनकल्याणकारी योजनाएं यहां भी लागू की जाएंगी।
Read more- तुलसी विवाह 2025 में कब करें पूजा? जानें सही तिथि और गोधूलि बेला का शुभ समय
NDA पर तीखा प्रहार
शिल्पी नेहा तिर्की ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा- “अमित शाह कहते हैं कि बिहार के लोग उद्योग लगाने के लिए जमीन नहीं देते। अगर ऐसा है, तो फिर NHAI के प्रोजेक्ट किसकी जमीन पर बन रहे हैं? असल में NDA के पास बेरोजगारी पर जवाब नहीं है, इसलिए वो बहाने बना रही है।”












