Jharkhand assembly में सरयू राय का स्वास्थ्य विभाग पर सवाल, फार्मेसी काउंसिल में नियुक्ति और परीक्षा समिति के अध्यक्ष को लेकर कार्रवाई की मांग
Jharkhand assembly: स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियों पर हंगामा
Jharkhand assembly(रांची): झारखंड विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक Saryu Roy ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक अहम मुद्दा उठाया और सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि पहले विभागीय मंत्री के समय अयोग्य राहुल कुमार को परिषद में निबंधक-सह-सचिव बनाए जाने को लेकर काफी किरकिरी हुई थी। इसके बाद 14 अक्टूबर 2024 को पत्रांक जारी कर प्रशांत कुमार पाण्डेय की औपबंधिक (अस्थायी) नियुक्ति छह महीने के लिए निबंधक-सह-सचिव के पद पर की गई थी, लेकिन वे अब तक उसी पद पर काम कर रहे हैं।
नियमों के उल्लंघन और अयोग्य की नियुक्ति का आरोप
सरयू राय ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सही है कि औपबंधिक निबंधक-सह-सचिव ने सरकार की मंजूरी लिए बिना 19 फरवरी 2026 को एक कार्यालय आदेश जारी कर एक अयोग्य व्यक्ति को डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति का अध्यक्ष बना दिया। उन्होंने सरकार से पूछा कि अगर यह बात सही है तो 17 महीने बीत जाने के बाद भी झारखंड राज्य फार्मेसी परिषद में निबंधक-सह-सचिव की स्थायी नियुक्ति क्यों नहीं हुई और इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का स्पष्टीकरण
इस पर स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने जवाब देते हुए कहा कि प्रशांत कुमार पाण्डेय को आदेश जारी होने की तिथि से औपबंधिक रूप से निबंधक-सह-सचिव का प्रभार दिया गया था। साथ ही छह महीने के भीतर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया था। काउंसिल की ओर से नियमित नियुक्ति का प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है और फिलहाल इस पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
अध्यक्ष की नियुक्ति पर विभागीय प्रावधान
मंत्री ने यह भी बताया कि 25 जुलाई 2019 की विभागीय अधिसूचना के अनुसार स्टेट फार्मेसी काउंसिल के वरीयतम सदस्य को अध्यक्ष बनाने का प्रावधान है। काउंसिल ने वरीयतम सदस्य का चयन कर विभाग को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर विभाग की सहमति भी दे दी गई है।












