Jharkahnd: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने अभिभाषण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने हाल ही में इंडिगो एयरलाइंस से जुड़े किराया संकट का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष ने जनता से वादा किया था कि “हवाई चप्पल वालों को भी हवाई यात्रा करवाएंगे”, लेकिन ऐसा कोई लाभ जनता को अब तक नहीं मिला। उल्टा, इंडिगो की हालिया समस्या के कारण हुए 40-50 हजार रुपये तक के महंगे टिकटों से लोग “हवाई चप्पल पहनने पर मजबूर हो जाएंगे”, ऐसा तंज उन्होंने कसा।
सीएम ने कोविड काल में लगाए गए टीकों पर भी सवाल उठाया और पूछा कि इतने वर्षों में ऐसा क्या शोध प्रस्तुत हुआ है जिससे यह साबित हो कि लगाए गए वैक्सीन पूरी तरह सही थे। उन्होंने कहा कि इस पर देश के सामने स्पष्ट प्रमाण रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने हाल की प्लेन दुर्घटनाओं और फाइटर जेट हादसों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसी विमान या लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर सरकार निर्माता कंपनी को दोषी ठहराने के बजाय अक्सर पायलट पर ही आरोप मढ़ देती है। यह रवैया कितना जायज है, सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा—“मीठा-मीठा गप-गप, कड़वा-कड़वा थू-थू”—यानी अच्छा होने पर सरकार श्रेय लेती है और दुर्घटनाओं में जिम्मेदारी लेने से बचती है।
25 साल के झारखंड को अडिग बताते हुए सोरेन ने कहा—“झारखंड को न कोई डरा सकता है और न हरा सकता है।” इसी के साथ उन्होंने अपना अभिभाषण समाप्त किया।
स्पीकर का बयान: कुल 301 प्रश्न स्वीकार, 42 ध्यानाकर्षण, 20 प्रस्ताव पारित
मुख्यमंत्री के अभिभाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो ने सत्र के आंकड़ों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शीतकालीन सत्र में कुल 301 प्रश्न स्वीकार किए गए, 42 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए जिनमें से 20 को स्वीकृति मिली।
उन्होंने कहा कि इस सत्र में महिला सशक्तिकरण, बाल विकास और युवा पीढ़ी के उत्थान से जुड़े मुद्दों पर विशेष प्राथमिकता दी गई। उनका मानना है कि इन विषयों पर की गई पहल राज्य के विकास में नई गति देगी।
इसके साथ ही झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।












