रांची: झारखंड सरकार ने शुक्रवार देर रात बड़ाप्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य के 24 जिलों में से 17 जिलों के उपायुक्त (DC) बदल दिए हैं। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस फैसले को प्रशासनिक स्तर पर अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
अधिसूचना के अनुसार कई आईएएस अधिकारियों को नए जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ उपायुक्तों का तबादला कर उन्हें दूसरे जिलों में पदस्थापित किया गया है। इस फेरबदल की खास बात यह है कि चार अधिकारियों को पहली बार उपायुक्त के रूप में नियुक्ति मिली है, जो अब तक उप विकास आयुक्त (DDC) के पद पर कार्यरत थे।
जारी सूची के मुताबिक, राजीव रंजन को पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) का उपायुक्त बनाया गया है। संदीप कुमार को लातेहार, अनन्य मित्तल को गढ़वा और दिलेश्वर महतो को गुमला का उपायुक्त बनाया गया है। वहीं मेघा भारद्वाज को पाकुड़ और लोकेश मिश्रा को गोड्डा का उपायुक्त नियुक्त किया गया है।
पहली बार उपायुक्त बनने वालों में रांची के डीडीसी सौरभ कुमार भुवनिया को खूंटी का उपायुक्त बनाया गया है। गोड्डा के डीडीसी दीपक कुमार दुबे को साहिबगंज की जिम्मेदारी दी गई है। खूंटी के डीडीसी आलोक कुमार को जामताड़ा का उपायुक्त बनाया गया है, जबकि गुमला के डीडीसी को पदोन्नत कर उसी जिले का उपायुक्त नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा शशि प्रकाश सिंह को देवघर, वकार हसन को कोडरमा, जितेंद्र सती को सरायकेला-खरसावां, नैंसी सहाय को रामगढ़ और अमित कुमार को चतरा का उपायुक्त बनाया गया है। सरकार ने सात जिलों के उपायुक्तों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।
नीचे पूरी सूची संक्षेप में दी जा रही है:
राजीव रंजन – उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)
संदीप कुमार – उपायुक्त, लातेहार
अनन्य मित्तल – उपायुक्त, गढ़वा
दिलेश्वर महतो – उपायुक्त, गुमला
मेघा भारद्वाज – उपायुक्त, पाकुड़
लोकेश मिश्रा – उपायुक्त, गोड्डा
सौरभ कुमार भुवनिया – उपायुक्त, खूंटी
दीपक कुमार दुबे – उपायुक्त, साहिबगंज
आलोक कुमार – उपायुक्त, जामताड़ा
शशि प्रकाश सिंह – उपायुक्त, देवघर
वकार हसन – उपायुक्त, कोडरमा
जितेंद्र सती – उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां
नैंसी सहाय – उपायुक्त, रामगढ़
अमित कुमार – उपायुक्त, चतरा
सरकार के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हाल ही में राज्य में आईपीएस अधिकारियों के भी बड़े पैमाने पर तबादले किए गए थे, जिसके बाद अब यह बदलाव प्रशासनिक ढांचे में नई सक्रियता लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।











