Ranchi: झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सात जिलों में शिक्षा विभाग ने लंबे समय से एक ही स्थान या जिले में पदस्थापित कर्मचारियों के तबादले की बड़ी कार्रवाई की है। हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ में शिक्षा विभाग के लिपिकों के संवर्ग का निर्धारण करते हुए व्यापक स्तर पर पदस्थापन किया गया है।
क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक (RJDE) कुमारी नीलम के स्तर से यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के निर्देश के बाद गठित प्रमंडलीय स्थापना समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर की गई है। शनिवार, 12 सितंबर को विभाग की ओर से इस संबंध में कई कार्यालय आदेश जारी किए गए।
इस पूरी प्रक्रिया में लंबे समय से एक ही स्थान या जिले में पदस्थापित कर्मचारियों को दूसरे कार्यालयों में भेजा गया है। विभाग का मानना है कि इससे शिक्षा प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पहली बार बड़े स्तर पर संवर्ग निर्धारण के साथ तबादला
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह है कि कर्मचारियों को नियमावली 2010 के तहत जिला संवर्ग या प्रमंडल संवर्ग चुनने का एकबारीय अवसर दिया गया। कर्मचारियों की ओर से किए गए विकल्प के आधार पर संवर्ग का निर्धारण किया गया और इसके बाद तबादले की प्रक्रिया पूरी की गई। विभागीय आदेशों के मुताबिक कुल 134 लिपिकों में 102 ने प्रमंडल संवर्ग और 28 ने जिला संवर्ग का विकल्प चुना।
जिला संवर्ग में 28 लिपिक
जिला संवर्ग चुनने वाले 28 लिपिकों में धनबाद से 10, गिरिडीह से 10, बोकारो से 3, हजारीबाग से 3, कोडरमा से 1 और रामगढ़ से 1 कर्मचारी शामिल हैं।
इनमें से 26 कर्मचारियों को उनके आवंटित जिले में ही तत्काल पदस्थापित किया गया है। विभागीय आदेश के अनुसार सुभाष ठाकुर, शेखर अली और मुस्कान सिंह को धनबाद, जबकि नवीन आचार्य और परवेज आलम को हजारीबाग में पदस्थापित किया गया है।
वहीं, 102 लिपिकों को प्रमंडल संवर्ग में रखा गया है। इसका मतलब है कि आवश्यकता के अनुसार उनकी सेवा उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के किसी भी जिले में ली जा सकेगी।
3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे लिपिकों का तबादला
तबादला प्रक्रिया के तहत ऐसे लिपिकों को भी स्थानांतरित किया गया है, जो तीन साल से अधिक समय से एक ही कार्यालय या पद पर कार्यरत थे।
हजारीबाग से अंकित कुमार, प्रमोद कुमार और सतीश पासवान का तबादला किया गया है। चतरा से अविनाश कुमार राय, कोडरमा से नवल किशोर चौबे और परीक्षित साहू, जबकि गिरिडीह से सुमेश कुमार कोल्ह और चिरंजीवी कुमार का स्थानांतरण हुआ है।
धनबाद में मनीष कुमार, अरविन्द कुमार, विवेक कुमार महतो, साजिद अंसारी और लोकेश कुमार को भी अलग-अलग पदस्थापन स्थलों पर भेजा गया है। बोकारो से अम्बिका कुमार और अजीत कुमार का तबादला किया गया है।
6 साल से एक ही जिले में जमे 27 लिपिक भी बदले
विभाग ने छह साल से अधिक समय से एक ही जिले में कार्यरत 27 लिपिकों का भी दूसरे जिलों में तबादला किया है।
इसमें हजारीबाग से कुमार परमानन्द, सुरेन्द्र मेहता, संजय कुमार, जुएल बारला, राजेश हरि, शशिभूषण नाग, रविशंकर शुक्ला और अनिल कुमार को अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। रामगढ़ से परमेश्वर बेदिया और सोमनाथ सिन्हा, चतरा से राहुल कुमार, मनोज कुमार, गौरव वर्मा और अनिल कुमार राम तथा कोडरमा से धीरज पाण्डेय का तबादला किया गया है। इसी तरह गिरिडीह और धनबाद से भी कई लिपिकों को दूसरे जिलों में पदस्थापित किया गया है।
8 साल से एक ही जिले में पदस्थापित 9 लिपिकों का भी तबादला
तबादले की कार्रवाई में आठ साल से एक ही जिले में जमे नौ लिपिक भी शामिल हैं। इनमें संजीव कुमार सिन्हा, प्रभात कुमार गिरि, आनन्द कुमार भगत, गौरी शंकर, बिन्दु कुमारी, श्यामल हलधर, सरोज कुमार, भूतनाथ मांझी और केशव कुमार शामिल हैं।
इन कर्मचारियों को जरूरत और विभागीय व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग जिलों एवं कार्यालयों में पदस्थापित किया गया है।
गंभीर बीमारी और दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को राहत
तबादला प्रक्रिया में मानवीय पहलू का भी ध्यान रखा गया है। गंभीर असाध्य रोग या दिव्यांगता प्रमाण पत्र वाले सात लिपिकों को उनकी सुविधा के अनुसार पदस्थापन दिया गया है। इनमें राकेश रोशन, अरविन्द कुमार सिंह, प्रेमिला देवी, आदित्य कुमार, सत्येन्द्र उपाध्याय, निलिमा डॉली सिंह और निशी कुमारी शामिल हैं। विभागीय स्तर पर इसे कर्मचारियों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय बताया जा रहा है।
एक सप्ताह के भीतर नए स्थान पर योगदान का निर्देश
विभाग ने सभी संबंधित नियंत्री पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थानांतरित कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर विरमित कर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित कराया जाए।
साथ ही कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में उनके संवर्ग की प्रविष्टि दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया है। आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में संवर्ग परिवर्तन से संबंधित किसी दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षा प्रशासन में बदलाव की उम्मीद
उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सात जिलों में इतने बड़े स्तर पर हुए तबादले को शिक्षा प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से एक ही स्थान या जिले में कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण से विभाग को उम्मीद है कि कार्यालयों में कामकाज की गति बढ़ेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता मजबूत होगी।
हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के निर्देश के बाद पूरी की गई इस प्रक्रिया में संवर्ग निर्धारण के साथ तबादला किए जाने से आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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