बाल तस्करी के पीछे कई सामाजिक कारण
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि बाल तस्करी और बाल श्रम के पीछे गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और सामाजिक असुरक्षा जैसे कई कारण हैं। ऐसे में केवल बच्चों को संकट से निकालना ही पर्याप्त नहीं है। उनके सुरक्षित पुनर्वास, शिक्षा और बेहतर भविष्य की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर ग्रामीण और कमजोर क्षेत्रों में बाल संरक्षण को लेकर लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।अपने संघर्ष के दिनों को भी किया याद
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने अपने जीवन के संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब वह करीब एक वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनका जीवन कई संघर्षों से गुजरा। छात्र जीवन में आपातकाल के दौरान जेल जाने के बाद उनका राजनीति में प्रवेश हुआ और आगे चलकर उन्हें आठ बार लोकसभा सांसद के रूप में देश की सेवा करने का अवसर मिला। राज्यपाल ने कहा कि जीवन में आए इन संघर्षों ने उन्हें समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की समस्याओं को करीब से समझने का अवसर दिया।दिल्ली में झारखंड के बच्चों की स्थिति देखकर हुई थी पीड़ा
राज्यपाल ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वह पहली बार दिल्ली पहुंचे, तब उन्होंने देखा कि झारखंड के कई बच्चे बड़े शहरों में घरेलू कामगार के रूप में काम करने को मजबूर थे। बच्चों की ऐसी स्थिति देखकर उन्हें काफी पीड़ा होती थी। उन्होंने कहा कि समय के साथ हालात में सुधार जरूर आया है, लेकिन अभी भी यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। जो बच्चे स्कूल से बाहर हैं, उनकी पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ना और संकट में फंसे बच्चों के सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।युवाओं से बोले- तकनीक का इस्तेमाल जागरूकता बढ़ाने में करें
राज्यपाल ने युवाओं को बाल संरक्षण अभियान का अहम भागीदार बताते हुए कहा कि युवा अपने गांव, स्कूल, कॉलेज और आसपास के समाज में बच्चों के अधिकारों को लेकर जागरूकता फैला सकते हैं। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक का सकारात्मक इस्तेमाल करने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि किसी बच्चे के संकट में होने की जानकारी मिलती है तो उसे उचित माध्यम तक पहुंचाना चाहिए, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके।बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा तभी साकार होगा विकसित भारत-2047 का सपना
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ का लक्ष्य तभी पूरी तरह सार्थक होगा, जब देश का प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ हो तथा उसे आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। बच्चे सुरक्षित होंगे तो उनका भविष्य सुरक्षित होगा और उनका भविष्य सुरक्षित होगा तो समाज और राष्ट्र मजबूत होगा।
विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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