JMM पर विकास रोकने की राजनीति का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि JMM आंदोलन और आर्थिक नाकेबंदी की धमकी देकर झारखंड में विकास की गति को रोकना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को MMDR अधिनियम पर भ्रम फैलाने के बजाय अवैध खनन, खनिज माफिया और राजस्व के नुकसान पर ध्यान देना चाहिए। साहू ने कहा कि केंद्र सरकार का यह संशोधन केवल झारखंड के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के खनन क्षेत्र को ध्यान में रखकर लाया जा रहा है। उनका दावा है कि इससे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता तथा निवेश को बढ़ावा मिलेगा।राज्यों के खनिज राजस्व पर क्या बोले आदित्य साहू?
आदित्य साहू ने विपक्ष के उस आरोप को खारिज किया कि MMDR अधिनियम के कारण राज्यों का खनिज राजस्व छिन जाएगा। उन्होंने दावा किया कि रॉयल्टी, DMF, नीलामी प्रीमियम, NMET और GST में राज्यों की हिस्सेदारी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि खनन से जुड़े भुगतानों का बड़ा हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा और लघु खनिजों पर राज्यों का नियंत्रण भी पहले की तरह कायम रहेगा। उनके मुताबिक, बालू, गिट्टी और साधारण मिट्टी जैसे लघु खनिजों पर राज्य की मौजूदा शक्तियों पर प्रस्तावित संशोधन का प्रभाव नहीं पड़ेगा।झारखंड सरकार पर ज्यादा उपकर लगाने का आरोप
साहू ने झारखंड सरकार पर खनिजों पर अधिक उपकर लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में लौह अयस्क पर 600 रुपये प्रति टन का फ्लैट उपकर लगाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह 22.50 रुपये प्रति टन बताया गया है। कोयले के उपकर का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि इसे डेढ़ साल से भी कम समय में 100 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये प्रति टन किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, अधिक कर लगाने से खनन उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होती है और अवैध खनन को बढ़ावा मिलने का खतरा रहता है।खदानों की नीलामी को लेकर सरकार पर निशाना
आदित्य साहू ने झारखंड में खदानों की नीलामी और संचालन को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में झारखंड में केवल चार खदानों की नीलामी हुई और इनमें से कोई भी अभी संचालन में नहीं आ सकी। उन्होंने ओडिशा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां 35 खदानें संचालन में आ चुकी हैं और करीब 87 हजार करोड़ रुपये का नीलामी प्रीमियम प्राप्त हुआ, जबकि झारखंड को नीलामी प्रीमियम से कोई आय नहीं हुई।DMFT फंड के इस्तेमाल पर भी सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने DMFT फंड के उपयोग को लेकर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में आदिवासी, दलित, गरीब, पिछड़े और विस्थापित परिवारों के विकास के लिए खनिज राजस्व का पारदर्शी इस्तेमाल होना चाहिए। साहू ने बालू और पत्थर खदानों की नीलामी नहीं होने से राज्य को होने वाले कथित राजस्व नुकसान का मुद्दा भी उठाया।BJP चलाएगी जागरूकता अभियान
आदित्य साहू ने ऐलान किया कि भाजपा MMDR अधिनियम को लेकर राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाएगी। पार्टी कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देंगे और इसकी प्रतियां भी वितरित करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा हर मंच पर कानून से जुड़े तथ्यों को जनता के सामने रखेगी और JMM के आरोपों का जवाब देगी। साहू ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार राज्य की जनता के विकास का होना चाहिए, न कि अवैध खनन करने वाले माफिया का।
विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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