Jharkhand News : ग्रामीण परिवेश में पले पढ़े जयनगर प्रखंड के मकतपुर गाँव में जन्मे अविनाश कुमार पिता स्व. मोती चौधरी ने ईमानदारी पूर्वक कड़ी मेहनत के साथ ग्रामीण पृष्ठभूमि से लेकर आईपीएस तक का सफर तय किया है। झारखंड पुलिस सेवा में कार्य करने के बाद अब भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत होकर पुलिस अधीक्षक बन गए हैं। उनका यह सफर न सिर्फ मेहनत और लगन का उदाहरण है। बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा भी है जो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता के शिखर तक पहुँचना चाहते हैं।
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Jharkhand News : जिला टॉपर के साथ संस्थान में भी बने रहे टॉपर
विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा जयनगर में ही हुई। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1993 में मैट्रिक परीक्षा में सीएच स्कूल टॉपर के साथ-साथ जिला टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता यहीं नहीं रुकी। 12वीं की शिक्षा उन्होंने हजारीबाग स्थित संत कोलंबस कॉलेज से पूरी की और इसके बाद इसी प्रतिष्ठित संस्थान से केमिस्ट्री में स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के प्रति गहरा झुकाव रखने वाले अविनाश ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय से पोस्ट-ग्रेजुएशन किया। जिसमें वे विश्वविद्यालय के द्वितीय टॉपर रहे।
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मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले बच्चों को भी दी शिक्षा
इसके बाद आगे उन्होंने राजकीय प्रशिक्षण महाविद्यालय, हजारीबाग से बीएड की डिग्री प्राप्त की और यहाँ भी टॉपर बनकर अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता को साबित किया। इसी दौरान उन्होंने मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को केमिस्ट्री पढ़ाना शुरू किया। पढ़ाने के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए संत रॉबर्ट कॉलेज, हजारीबाग में उन्हें केमिस्ट्री शिक्षक के रूप में चयनित किया गया। जहाँ उन्होंने एक वर्ष तक सेवाएँ दीं।
Jharkhand News : इंटरव्यू तक असफल होने के बाद दोबारा शुरू किया प्रयास
शिक्षण कार्य में सफलता के बावजूद उनका मन पब्लिक सर्विस की ओर आकर्षित होने लगा। उन्होंने बताया कि उनके पिता सदैव उन्हें समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करते थे। पिता स्वयं शिक्षक रहे, इसलिए घर में शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई और अनुशासन का गहरा माहौल था। इसी प्रेरणा ने उन्हें झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर मोड़ा। उन्होंने बताया कि द्वितीय जेपीएससी में उन्होंने प्रीलिम्स और मेंस दोनों में सफलता प्राप्त की और इंटरव्यू तक पहुँचे। लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। पहली असफलता से निराश न होकर उन्होंने खुद को और मजबूत किया। इसी बीच उनकी नियुक्ति डीवीसी में सीनियर केमिस्ट के पद पर हुई। जहाँ वे पावर प्लांट की रासायनिक प्रणालियों की निगरानी करते थे।
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डीएसपी के रूप में अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था में निभाई विशेष भूमिका
अटूट मेहनत और धैर्य के साथ पुनः प्रयास करने पर तृतीय जेपीएससी में उन्होंने उत्कृष्ट रैंक हासिल की और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस पद के लिए चयनित हुए। इसके बाद उन्होंने बरही, सरायकेला और चतरा में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने, अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा को प्राथमिकता देने में उनकी भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। वर्षों की ईमानदार सेवा और कड़ी मेहनत के आधार पर अविनाश कुमार को भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत करते हुए पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। अपनी उपलब्धि पर उन्होंने कहा कि ईमानदारी, लगन और निरंतर प्रयास करने वालों को सफलता अवश्य मिलती है।”

4 years of experience in journalism. Previously, I worked with organizations such as Swadesh Today, News 11 Bharat, and News 22 Scope. For the past year, I have been working as a content writer at Khabar Mantra.








