Jharkhand Politics: झारखंड की सियासत में एक बार फिर वेतन और वित्तीय संकट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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Jharkhand Politics: 26 साल में पहली बार 11 तारीख तक नहीं मिला वेतन
उन्होंने कहा कि राज्य का वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया है। उनका दावा है कि 26 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि महीने की 11 तारीख बीत जाने के बाद भी सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। उनके अनुसार करीब 2.75 लाख अधिकारी, कर्मचारी और संविदाकर्मी अभी तक वेतन से वंचित हैं, जिससे लगभग 15 लाख लोगों पर सीधा असर पड़ा है।
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प्रतुल शाह देव ने कहा कि कर्मचारियों के सामने घर चलाना मुश्किल हो गया है। राशन, बच्चों की फीस और EMI जैसी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या राज्य हिमाचल प्रदेश की तरह वेतन देने के लिए कर्ज लेने की स्थिति में पहुंच गया है?
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Jharkhand Politics: सरकार बजट का सही इस्तेमाल नहीं कर पाई
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बजट का सही इस्तेमाल नहीं कर पाई और 31 मार्च तक 22,000 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा 2300 करोड़ और 392 करोड़ की राशि जारी की गई थी, फिर भी खजाना खाली होने की बात कही गई।
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प्रतुल शाहदेव ने बड़ा आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार मुख्यमंत्री आवास के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है, जबकि कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं।

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