Jharkhand: झारखंड के किसी न किसी जिले में लगातार हाथी के हमले का मामला सामने आ रहा है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है, इसी बीच शुक्रवार को एक जंगली हाथी अपने झुंड से बिछड़ कर हटिया के शहरी क्षेत्र में पहुंच गया, जहां मोहल्ला के लोग हाथी को देख दहशत में आ गए।
झारखंड में हाथियों के हमले कि खबर पिछले कुछ दिनों में लगातार सामने आ रही हैं। झारखंड के रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला और दुमका सहित कई जिलों से आ रही है जिससे लगभग 30 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर भी सामने आ रही है यह इस बात का संकेत है कि मौजूदा व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं है। इसी बीच शुक्रवार की भोर में अचानक एक जंगली हाथी अपने झुंड से बिछड़ कर हटिया के शहरी क्षेत्र में पहुंच गया, जहां मोहल्ला के लोग हाथी को देख दहशत में आ गए। दरअसल मोहल्ला के लोग सुबह नदी की ओर गए हुए थे, जहां उन्होंने अचानक एक जंगली हाथी को दौड़ते-भागते देखा जिससे वहां मौजुद लोग डर कर भागने लगे।
रामेश्वर उरांव ने बेहतर नीति की मांग की
इस मुद्दे को कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने विधानसभा में उठाकर सरकार से बेहतर नीति, उचित मुआवजा और मजबूत बचाव के उपायों की मांग की है जिसको लेकर विधानसभा में जोरदार बहस भी हुई। सदन में प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायक रामेश्वरम उरांव ने कहा कि लगातार बढ़ रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अब हाथियों को लेकर एक स्पष्ट नीति बनाना बेहद जरूरी हो गया है, यह केवल मानव सुरक्षा का सवाल नहीं है, बल्कि वन्यजीवों के अस्तित्व को बचाने की भी चुनौती है। अगर समय रहते संतुलन नहीं बनाया गया तो हालात और भयावह हो सकते हैं। उरांव ने कहा कि झारखंड में हाथी के हमले में मौत पर फिलहाल 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है, जबकि पड़ोसी ओडिशा में यह राशि 10 लाख रुपये तक है। ऐसे में राज्य सरकार को मुआवजा बढ़ाने पर विचार करना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सहायता मिल सके।
CM Hemant Soren का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लगातार हाथियों के हमले से मौत को देखते हुए वन विभाग के अधिकारी और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक भी की जिसके दौरान इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि पर्यावरणीय बदलाव हाथियों के व्यवहार में बदलाव का एक बड़ा कारण है, सरकार इस पूरे मसले को एक ‘होलिस्टिक अप्रोच’ के साथ देख रही है और जल्द ही एक विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी घटना के बाद कम से कम समय में मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए, साथ ही एलिफेंट कॉरिडोर में हो रही अवैध खनन गतिविधियों पर भी सख्ती से नजर रखी जाएगी। साथ ही हेमंत सोरेन ने घोषणा की है कि हाथी के हमले से मौत होने पर दी जाने वाली मुआवजे की राशि को बढ़ाया जाएगा।












