रांची: JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड में चल रहा छात्रों का आंदोलन अब सड़क पर और तेज हो गया है। सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद मांगों पर पूरी सहमति नहीं बनने के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़क पर उतरे। पुरानी विधानसभा से शुरू हुआ छात्रों का मार्च करीब आधे घंटे बाद जगन्नाथ मंदिर के पास पहुंचा, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग की थी और विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।
जगन्नाथ मंदिर के पास पुलिस ने रोका मार्च
पुरानी विधानसभा से छात्रों का मार्च शुरू होने के बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। करीब आधे घंटे तक आगे बढ़ने के बाद छात्र जगन्नाथ मंदिर के पास पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
मौके पर मौजूद स्वयंसेवक लगातार छात्रों से शांत रहने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते नजर आए। हालांकि, काफी देर तक रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों में आक्रोश बढ़ने लगा।
बैरिकेड पर चढ़ने लगे प्रदर्शनकारी
पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। देखते ही देखते कई छात्र बैरिकेड के ऊपर पहुंच गए और विधानसभा की तरफ जाने का प्रयास करने लगे।
मौके पर तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट नजर आई। आगे की तरफ वाटर कैनन वाली गाड़ियां भी तैनात की गई हैं।
वहीं, पूरे घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए पुलिस ने ड्रोन भी तैनात किए हैं, जिससे भीड़ की गतिविधियों और मार्च की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
बातचीत के बाद भी क्यों नहीं थमा JPSC-JSSC आंदोलन?
JPSC-JSSC Reform Manch से जुड़े छात्रों का आंदोलन पिछले कई दिनों से रांची में जारी है। छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं से प्रभावित परीक्षाओं की जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार की ओर से 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने पर सहमति जताई गई है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार समेत कई अन्य कदमों का भरोसा दिया गया है।
इसके बावजूद छात्रों का कहना है कि उनकी सभी प्रमुख मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं। खास तौर पर CBI जांच और JSSC-CGL समेत अन्य विवादित परीक्षाओं को लेकर सरकार के रुख से छात्र संतुष्ट नहीं हैं।
यही वजह है कि बातचीत के समानांतर छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया और सोमवार को बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए।
सरकार का 98 फीसदी मांगें मानने का दावा, छात्र असहमत
इस पूरे विवाद में सरकार और छात्रों के दावों में भी बड़ा अंतर सामने आया है। सरकार का कहना है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों को स्वीकार किया जा चुका है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं, छात्र संगठनों का तर्क है कि जिन मांगों को वे आंदोलन की मूल वजह मानते हैं, उन पर अभी निर्णायक सहमति नहीं बनी है। छात्रों की ओर से कई विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है।
इसी मतभेद के कारण बातचीत के कई दौर के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं हुआ।
विधानसभा घेराव के बीच बढ़ी सुरक्षा
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है। विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
अब जगन्नाथ मंदिर के पास छात्रों को रोके जाने और कुछ प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड पर चढ़ने के बाद प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई है। मौके पर वाटर कैनन और ड्रोन की मौजूदगी से साफ है कि पुलिस किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
फिलहाल छात्रों का रुख साफ है कि वे अपनी मांगों को लेकर विधानसभा तक पहुंचना चाहते हैं, जबकि पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि प्रदर्शनकारी और प्रशासन के बीच स्थिति किस दिशा में जाती है।
JPSC-JSSC Protest: अब आगे क्या?
रांची में जारी यह आंदोलन अब सिर्फ 14वीं JPSC PT के परिणाम का विरोध नहीं रह गया है। छात्रों की मांगें JPSC, JSSC और भर्ती परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार से जुड़ गई हैं।
एक तरफ सरकार बातचीत और सुधार के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश कर रही है, वहीं छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।
जगन्नाथ मंदिर के पास सोमवार को बने हालात इसी बढ़ते गतिरोध की तस्वीर हैं। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि विधानसभा मार्च के दौरान प्रशासन और छात्रों के बीच स्थिति आगे किस तरह बदलती है।
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