नवनियुक्त अफसरों को बड़ी राहत
हाईकोर्ट से राहत पाने वाले प्रार्थियों में सौरभ सिंह, अवधेश कुमार, दीप माला और सोनम कुमारी शामिल हैं। इनकी ओर से राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत JPSC परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्त हुए और अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में नियुक्ति रद्द करने के सरकार के फैसले से उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।8 महीने की सैलरी का हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस बात पर भी टिप्पणी की कि जब सरकार की ओर से नियुक्त कर्मचारियों को करीब 8 महीने तक वेतन दिया जा चुका है, तो अचानक उन्हें नौकरी से हटाकर सड़क पर नहीं लाया जा सकता। अदालत की इस टिप्पणी से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जो नियुक्ति के बाद लगातार अपनी सेवाएं दे रहे थे और अब सरकार के फैसले के कारण नौकरी जाने की आशंका से परेशान थे।सरकार के आदेश पर फिलहाल रोक
हाईकोर्ट के स्टे के बाद याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों और नवनियुक्त अधिकारियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हालांकि, मामले का अंतिम फैसला अभी बाकी है। आगे की सुनवाई में अदालत सरकार के आदेश और नियुक्तियों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई करेगी।
विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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