Ranchi: लौहनगरी जमशेदपुर के कोल्हानवासियों के लिए एक नए युग की शुरुआत हो गई है। सन् 1961 से साकची में संचालित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने एक करोड़ से अधिक मरीजों का इलाज करने के बाद अब अपनी सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। अस्पताल की सभी सुविधाएं डिमना चौक स्थित नये एमजीएम अस्पताल भवन में स्थानांतरित कर दी गई हैं।
डिमना चौक में शुरू हुआ अत्याधुनिक एमजीएम अस्पताल
नए एमजीएम अस्पताल में आज से इमरजेंसी, आईसीयू और पीडियाट्रिक इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह शुरू कर दी गईं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नया भवन अधिक स्पेस और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। मरीजों को गंभीरता के आधार पर रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा। इमरजेंसी वार्ड के प्रवेश द्वार पर तीन विशेष बेड लगाए गए हैं, जहां डॉक्टर मरीज की प्रारंभिक जांच करेंगे और तय करेंगे कि किस जोन में भेजा जाए।
यहां मरीजों को 24 से 72 घंटे तक इमरजेंसी यूनिट में रखा जा सकता है। इसके बाद उन्हें संबंधित वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा, ताकि इमरजेंसी में भीड़ न बढ़े। अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर और आवश्यक चिकित्सा सामग्री की व्यवस्था पहले से कर दी गई है।
साकची में बनेगा नया 500 बेड का एमजीएम अस्पताल
साकची के पुराने एमजीएम अस्पताल परिसर में अब 500 बेड का नया अस्पताल तैयार किया जाएगा। पुराने भवनों को तोड़ने का काम शुरू हो चुका है। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, जिसमें डिजिटल हेल्थ सिस्टम, मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर (O.T.), उन्नत इमरजेंसी और अत्याधुनिक उपकरण शामिल होंगे।
एमजीएम अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है और अगले डेढ़ साल में नया अस्पताल तैयार होने की उम्मीद है। इस नए भवन के तैयार हो जाने के बाद कोल्हान क्षेत्र के मरीजों को डिमना और साकची दोनों स्थानों पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही ब्रांड के तहत मिलेंगी।
कोल्हानवासियों को मिलेगा लाभ
एमजीएम अस्पताल का नया स्वरूप कोल्हानवासियों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देगा। आधुनिक तकनीक, सुव्यवस्थित विभागीय व्यवस्थाएं और अधिक स्पेस मरीजों व डॉक्टरों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगी।












