National News: संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसकी घोषणा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने 4 जून यानी आज की. यह सत्र कई अहम मुद्दों को लेकर हंगामेदार रहने की संभावना है. विपक्ष, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में दिए गए सीजफायर संबंधी बयान और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोलने की तैयारी में है. ऐसे में संसद में तीखी बहस और राजनीतिक घमासान देखने को मिल सकता है.
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मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि…
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने संसद के आगामी मानसून सत्र की तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि यह सत्र रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की सिफारिशों के आधार पर आयोजित किया जाएगा.
बता दें, विपक्षी दल लगातार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले के बाद उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं. इसी को लेकर रीजीजू कहा कि मानसून सत्र के दौरान संसद में नियमों के तहत सभी मुद्दों पर चर्चा संभव है, और इसके लिए विशेष सत्र की आवश्यकता नहीं है.
विपक्ष का पत्र, विशेष सत्र की मांग
‘इंडिया’ गठबंधन के अंतर्गत आने वाले 16 प्रमुख विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी. इस पत्र में कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना (उबाठा), राजद, माकपा, भाकपा, आईयूएमएल, आरएसपी, झामुमो, भाकपा (माले) लिबरेशन, केरल कांग्रेस, वीसीके और एमडीएमके जैसे दलों के नेताओं ने हस्ताक्षर किए थे.
इनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
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जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव
सरकार इस मानसून सत्र में इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. न्यायमूर्ति वर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और उनके खिलाफ एक तीन-सदस्यीय समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाने का निर्णय लिया है.
इस संबंध में किरेन रीजीजू विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से सर्वदलीय सहमति बनाने के लिए बातचीत करेंगे. बता दें, मार्च 2025 में दिल्ली स्थित उनके आवास पर आग लगने की घटना के बाद जली हुई नकदी बरामद होने का मामला सामने आया था. उस समय वह दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे.













