Jharkhand: आंदोलन आरंभ की तारीख को याद मत कीजिए…! याद करनी है तो उद्घाटन की तारीख का जिक्र कीजिए…! सिरमटोली फ्लाईओवर के आंदोलन पर सत्ता का गहरा तमाचा आंदोलनकारियों को हमेशा याद रहेगा..! बेशक आंदोलन राजनीति से प्रेरित रहा हो, लेकिन प्रमुख आंदोलनकारी गीता श्री उरांव के आंदोलनकारी पिता कार्तिक उरांव के नाम पर फ्लाईओवर का नामकरण, सिरमटोली आंदोलन की राजनीति का पटाक्षेप है..!
Read More: कार्तिक उरांव के नाम पर रखा गया सिरमटोली फ्लाईओवर का नाम, बेटी गीताश्री उरांव ने कहा…
झारखंड बंद के ठीक अगले दिन हेमंत ने अपनी हिम्मत का सबूत दिया है और बता दिया है कि बेसिर-पैर के आंदोलन झारखंड के विकास में कभी बाधक नहीं बनने देंगे..! साथ ही विपक्ष के उस षड्यंत्र को भी नाकाम कर दिया जो धर्म की आड़ लेकर आंदोलन की बैसाखी पर नित नए-नए खेल करते रहे हैं!
केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की आशा लकड़ा के आदेश को भी रद्दी की टोकरी में फेंक, फ्लाईओवर का उद्घाटन करने वाले हेमंत सोरेन ने साफ कर दिया है कि झारखंड के विकास में आने वाली हर बाधा के सामने सीना ठोंक कर खड़े हुए हैं!
आश्चर्य वाली बात यह है कि एक दिन पहले तक किसी को इस बात की भनक भी नहीं थी कि अगले दिन पुल का उद्घाटन होने वाला है..! गुरुवार को अचानक मीडिया में खबर आई कि आज ही फ्लाईओवर का उद्घाटन मुख्यमंत्री करेंगे..! आनन-फानन में तैयारी की गई और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फ्लाईओवर को आम जनता को समर्पित कर दिया..!
Read More:राज्य को मिली सिरमटोली फ्लाईओवर की सौगात
आंदोलनकारी सब सन्न उस वक्त रह गए जब फ्लाईओवर का नामकरण आंदोलन की अगुआ बनी गीताश्री उरांव के पिता और अलग झारखंड के आंदोलनकारी कार्तिक उरांव के नाम पर कर दिया गया..! ऐसे में आप ही बताएं कि गीताश्री उरांव, जो कभी राजनीति के क्षितिज पर हुआ करती थीं, जो कभी राज्य की शिक्षा मंत्री रहीं, आज वही गीताश्री उरांव अपने राजनीतिक उद्देश्यों में विफल साबित हुई हैं!













