Jharkhand: झारखंड के एक छोटे से शहर पाकुड़ से आई यह कहानी सुनकर आप हैरान भी होंगे और प्रेरित भी। एक ऐसा बच्चा, जिसकी उम्र इतनी नहीं कि स्कूल में दाखिला हो, लेकिन नाम है उस किताब में, जिसमें देश के असाधारण लोग दर्ज होते हैं—इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स।
मिलिए ज्यांशु मंडल से। उम्र—सिर्फ 2 साल 4 महीने। लेकिन हुनर—इतना बड़ा कि बड़े-बड़ों को सोचने पर मजबूर कर दे। जानवरों के नाम हों या फलों की पहचान, अंग्रेजी में सवाल हों या कविताएं तीन भाषाओं में, इस नन्हे बालक ने वो सब कुछ कर दिखाया, जो आमतौर पर बच्चे सालों में सीखते हैं।
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रिकॉर्ड की ओर पहला कदम
2 जुलाई 2025 को ज्यांशु का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। बस एक हफ्ते में उसे मंच मिला, और उसने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना हुनर पेश किया। क्या जवाब, क्या उच्चारण, क्या स्मरण शक्ति! हर किसी को हैरानी हुई कि इतनी कम उम्र में यह सब कैसे संभव है।
परिवार से मिला संबल
ज्यांशु के माता-पिता उसकी पहली पाठशाला बने। पिता गोपाल मंडल होटल मैनेजर हैं और मां सुस्मिता मंडल एक पेंटिंग इंस्टीट्यूट चलाती हैं। दोनों ने बेटे की जिज्ञासा को पहचाना और उसे सिर्फ खेल-खिलौनों तक सीमित न रखकर तीन भाषाओं, कला और व्यवहारिक जीवन की शिक्षा देना शुरू किया।
सिर्फ बोलना ही नहीं, चित्र भी बनाना जानता है ये बच्चा
मां सुस्मिता उसे आज भी अपने हाथों से पेंटिंग सिखा रही हैं। उनका कहना है, “ज्यांशु में जो सीखने की ललक है, वही उसे सबसे अलग बनाती है। वो सिर्फ सुनता नहीं, समझता है और दोहराता है।” यही कारण है कि इतनी कम उम्र में उसने वह मुकाम छू लिया, जिसे हासिल करने में अक्सर सालों लग जाते हैं।
क्या खास है ज्यांशु की कहानी में?
- उम्र: 2 साल 4 महीने
- भाषाएं: हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला
- कौशल: जनरल नॉलेज, तीन भाषाओं में कविता, चित्रकला
- सम्मान: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025
- मूल निवासी: कालिकापुर, पाकुड़ (झारखंड)
यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, एक संकेत है
संकेत इस बात का कि अगर माहौल मिले, मार्गदर्शन सही हो और मन में कुछ सीखने की आग हो, तो उम्र कभी भी मंजिल पाने की सीमा नहीं बनती। ज्यांशु मंडल की कहानी लाखों पैरेंट्स और शिक्षकों के लिए एक प्रेरणा है—टैलेंट जन्मजात होता है, उसे बस समय पर संवारना होता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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