Jharkhand News: झारखंड में 1 सितंबर 2025 से एक बड़ा बदलाव हुआ है। राज्य सरकार ने नई उत्पाद नीति लागू कर दी है, जिसके तहत अब राज्य की खुदरा शराब दुकानों का संचालन निजी हाथों में सौंप दिया गया है। इससे शराब की बिक्री प्रणाली, कीमतें और वितरण व्यवस्था—तीनों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
शराब दुकानों का संचालन निजी हाथों में
नई नीति के तहत राज्य में कुल 1343 शराब दुकानें संचालित होंगी, जिनमें 1184 कंपोजिट (विदेशी शराब) दुकानें और 159 देशी शराब की दुकानें शामिल हैं।
राजधानी रांची में सबसे अधिक 150 दुकानें खोली गई हैं। विभाग के अनुसार, जो दुकानें पहले से चल रही थीं, उन्हें 3 दिनों के लिए शराब की आपूर्ति कर दी गई है, जबकि नई दुकानें आज दोपहर 12 बजे के बाद डिपो से स्टॉक ले सकती हैं।
अब राज्य में होंगे 21 शराब डिपो
पूर्व में सिर्फ 8 डिपो थे, लेकिन नई नीति लागू होने के बाद अब इनकी संख्या बढ़ाकर 21 कर दी गई है। इससे स्टॉक की आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स प्रक्रिया में तेज़ी आएगी।
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शराब की कीमतों में बड़ा बदलाव
नई नीति के साथ-साथ शराब की कीमतों में भी भारी बदलाव किया गया है:
प्रकार |
कीमत में बदलाव |
| देश में बनी विदेशी शराब (IMFL) | ₹300 तक महंगी |
| विदेश में बनी विदेशी शराब | ₹6000 तक सस्ती |
| देसी शराब | ₹20 महंगी |
| बीयर | ₹20 महंगी |
कुछ पॉपुलर ब्रांड्स की कीमतों में वृद्धि हुई है, जबकि इंपोर्टेड शराब पहले से कहीं ज्यादा सस्ती हो गई है, जिससे हाई-एंड ग्राहकों को राहत मिल सकती है।
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सरकार को क्या उम्मीद?
राज्य सरकार को उम्मीद है कि नई उत्पाद नीति से शराब बिक्री में पारदर्शिता, राजस्व में वृद्धि और कुशल आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित होगी। साथ ही, निजीकरण से संचालन में भी सुधार आएगा।












