Ranchi: झारखंड की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में पलाश दीदी कैफे की शुरुआत की जा रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को पहले प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इसके बाद उन्हें क्रेडिट समेत अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे अपने स्तर पर कैफे का संचालन कर सकें।
स्थानीय व्यंजनों को मिल रहा बेहतर मंच
पलाश दीदी कैफे में झारखंड के स्थानीय व्यंजन और खाद्य उत्पाद लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न खाद्य पदार्थों को स्थान दिया जा रहा है। कैफे में स्थानीय स्वाद के साथ साफ-सफाई और गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकारी आयोजनों में भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो।
सीसीडी की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की तैयारी
पलाश दीदी कैफे को भविष्य में बड़े स्तर पर ले जाने की योजना है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कैफे शुरू किए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से संचालित इन कैफे को स्टेट लेवल पर एक मजबूत ब्रांड के रूप में विकसित किया जाए।
आगे चलकर इसे राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का भी प्रयास किया जाएगा। यानी झारखंड की महिलाओं द्वारा संचालित पलाश दीदी कैफे को एक बड़े और पहचान वाले कैफे ब्रांड के रूप में स्थापित करने की तैयारी है।
छह भवनों में बन रहे पलाश मार्ट
पलाश दीदी कैफे के साथ-साथ पलाश मार्ट को लेकर भी बड़ी योजना पर काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार राज्य में छह ऐसे भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें पलाश मार्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।
सबसे पहले रांची में पलाश मार्ट की शुरुआत किए जाने की उम्मीद है। लगभग छह महीने में पहला पलाश मार्ट शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है।
एक छत के नीचे मिलेंगे झारखंड के स्थानीय उत्पाद
पलाश मार्ट को आधुनिक डिजाइन आउटलेट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों के स्थानीय उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे।
इनमें हैंडलूम, आर्ट एंड क्राफ्ट, स्थानीय खाद्य उत्पाद और पारंपरिक व्यंजन समेत कई तरह के उत्पाद शामिल होंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
जीरा फूल चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
झारखंड के स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मिलकर कई तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें जीरा फूल चावल भी प्रमुख उत्पाद के रूप में सामने आ रहा है।
महिलाओं और स्थानीय किसानों द्वारा तैयार किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित संस्थाओं के सहयोग से उत्पादों की मार्केटिंग और एक्सपोर्ट की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
हर जिले के डीसी ऑफिस में पलाश दीदी कैफे की योजना
पलाश दीदी कैफे को सिर्फ रांची तक सीमित रखने की योजना नहीं है। रांची और आसपास के क्षेत्रों में लगातार नए सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही जिलों में भी इसका विस्तार किया जा रहा है।
योजना के तहत हर जिले के डीसी कार्यालय में पलाश दीदी कैफे शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जहां लोगों का नियमित आना-जाना होता है, वहां महिलाओं के उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकें।
पर्यटन स्थलों पर भी पहुंचाने की तैयारी
पलाश दीदी कैफे को उन स्थानों तक पहुंचाने की भी तैयारी है, जहां बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। इसके लिए रांची समेत राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी संभावित स्थानों के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पर्यटकों को झारखंड के स्थानीय व्यंजनों और उत्पादों का स्वाद लेने के साथ-साथ राज्य की कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को जानने का अवसर मिलेगा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल
पलाश दीदी कैफे और पलाश मार्ट की पहल झारखंड की महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण, क्रेडिट और बाजार उपलब्ध कराने के जरिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
आने वाले समय में इन पहलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर झारखंड की महिलाओं और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने की तैयारी है।

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