Ranchi News: झारखंड सरकार ने वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारत सरकार ने यह तय किया है कि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) को जनगणना की संदर्भ तिथि (Zero Hour) माना जाएगा।
इसका मतलब है कि इस समय तक जन्मे सभी व्यक्ति जनगणना में शामिल किए जाएंगे, जबकि इसके बाद जन्म लेने वाले नागरिक इस जनगणना का हिस्सा नहीं बन सकेंगे।
राज्य स्तरीय समन्वय समिति का होगा गठन
इस जनगणना की सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा एक राज्य स्तरीय समन्वय समिति बनाई जाएगी। इस समिति में ग्रामीण विकास, शिक्षा, भू-राजस्व जैसे कई विभागों के सचिव सदस्य होंगे। जनगणना निदेशक समिति के संयोजक होंगे और इसकी जिम्मेदारी रणनीति बनाना, दिशा-निर्देश तय करना और समय-समय पर समीक्षा करना होगी, ताकि सभी लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकें।
31 दिसंबर 2025 के बाद नहीं बनेंगी नई प्रशासनिक इकाइयाँ
भारत सरकार ने यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर 2025 के बाद कोई भी नई प्रशासनिक इकाई जैसे कि नगर पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, पंचायत या नगरपालिका का गठन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय जनगणना की पारदर्शिता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
हाउस लिस्टिंग से होगी शुरुआत, फिर डोर-टू-डोर जनगणना
जनगणना की प्रक्रिया की शुरुआत हाउस लिस्टिंग से होगी। इसका कार्य 2025 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है ताकि 2026 में रिपोर्ट तैयार की जा सके। कोरोना महामारी के कारण पहले यह प्रक्रिया विलंबित हुई थी। हाउस लिस्टिंग के बाद, डोर-टू-डोर जनगणना अभियान शुरू किया जाएगा, जो लगभग एक महीने तक चलेगा। इसमें हर घर जाकर जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।












