Rahul Gandhi: इंदिरा भवन ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी ने 2024 लोकसभा चुनावों से जुड़े “वोट चोरी” के नए सबूत पेश किए। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है और इसका सच अभी देश के सामने पूरी तरह नहीं आया है।
आलंद में 6,018 वोटर-एंट्रीज़ गायब
राहुल ने दावा किया कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6,018 वोट डिलीट करने की कोशिश हुई। उनका आरोप है कि सॉफ्टवेयर हाईजैक कर फर्जी मोबाइल नंबरों से ये आवेदन दाखिल किए गए और मतदाताओं को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
कैसे खुला “वोट डिलीट” का मामला?
यह मामला तब सामने आया जब एक बूथ-स्तरीय अधिकारी ने पाया कि उसके चाचा का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। जांच के बाद पता चला कि यह काम स्थानीय लोगों ने नहीं किया बल्कि सिस्टम को बाहरी ताकतों ने हैक किया।
दलित और ओबीसी मतदाताओं को निशाना बनाने का आरोप
राहुल गांधी का कहना है कि इस साजिश का सबसे बड़ा शिकार दलित और ओबीसी मतदाता बने। उनका आरोप है कि कांग्रेस समर्थक वोटरों को सुनियोजित तरीके से टारगेट किया गया।
चुनाव आयोग पर सवाल
कांग्रेस नेता ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वह उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया। राहुल ने कहा, “मैं 100% सबूतों के साथ ही अपनी बात रखता हूं और संविधान की रक्षा करूंगा।”
“हाइड्रोजन बम” वाला अगला खुलासा कब?
राहुल ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को सिर्फ एक “पड़ाव” बताया और कहा कि असली हाइड्रोजन बम अभी आना बाकी है। उन्होंने दावा किया कि अगले खुलासे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे।
अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग पर
इस दावे के बाद चुनाव आयोग की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि आयोग क्या कदम उठाता है और राहुल गांधी का अगला धमाका कब सामने आता है।












