जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: झारखंड की राजधानी रांची में आज महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जो हर साल की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक बनेगी. लाखों भक्त इस अवसर पर मुख्य मंदिर में एकत्र होंगे और महाप्रभु के रथ को खींचने के लिए विशेष रूप से तैयार होंगे. रथयात्रा का आरंभ आज शाम 5 बजे से होगा, जब भक्तगण भगवान के रथ को अपनी श्रद्धा से खींचेंगे और रथ को मौसीबाड़ी तक लेकर जाएंगे. हालांकि, मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रथयात्रा बारिश के बीच संपन्न हो सकती है, फिर भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आएगी.
15 दिनों के बाद भक्तों के बीच पहुंचे महाप्रभु
जगन्नाथ रथयात्रा से पहले महाप्रभु जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को 15 दिनों के एकांतवास के बाद भक्तों के बीच लाया गया. गुरुवार को स्नान मंडप में भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई. सुबह की पूजा के बाद भगवान को हलुआ का भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद दोपहर में अन्न भोग भी चढ़ाया गया. शाम के समय, भगवान की 108 दीपों के साथ मंगल आरती की गई, जिसमें हजारों भक्तों ने अपनी आस्था का प्रदर्शन किया.
रथ पर विराजमान होंगे भगवान
आज दोपहर 2 बजे से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ पर विराजमान किया जाएगा. इसके बाद शाम को साढ़े पांच बजे से रथ यात्रा की शुरुआत होगी, जिसमें भक्तगण पारंपरिक गीतों और मंत्रों के साथ रथ को खींचेंगे. रथ यात्रा के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो.
मौसीबाड़ी में रुकेंगे भगवान
रथ यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को मौसीबाड़ी तक पहुंचाया जाएगा, जहां लाखों भक्तों द्वारा उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी. मौसीबाड़ी में भगवान का स्वागत और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा. इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जाएगा, जो रथ यात्रा के माहौल को और भी भव्य बना देंगे.
रांची में जगन्नाथ मेला की धूम
रथ यात्रा के साथ-साथ रांची में जगन्नाथ मेला भी शुरू हो गया है, जो 15 दिनों तक चलेगा. इस मेले में स्थानीय एवं बाहरी पर्यटकों के लिए विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी. मेले में हर वर्ग के लोग शामिल होंगे, और इस दौरान इलाके में भारी भीड़ उमड़ेगी.
पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि रथयात्रा के दौरान कोई भी अप्रिय घटना न घटे.
यद्यपि रथ यात्रा के दौरान मौसम के मिजाज को लेकर कुछ चिंता बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद भक्तों का उत्साह और श्रद्धा कम नहीं होगी. श्रद्धालुओं के दिलों में विश्वास और आस्था की कोई कमी नहीं है, और वे भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए उमड़ने के लिए तैयार हैं.











