Ranchi: राजधानी रांची में काली पूजा 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में पूजा समितियां आकर्षक और अनूठे पंडालों का निर्माण करा रही हैं। इस बार कुसई कॉलोनी में करीब 15 लाख प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों से पंडाल तैयार किया जा रहा है। वहीं, लोअर चुटिया में अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर के प्रारूप पर आधारित पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इसके अलावा कडरू में 16 फीट ऊंची मां काली की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जबकि मकचुंद टोली में कुटिया के स्वरूप वाला पंडाल झारखंड की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करेगा। निवारणपुर में चंदन नगर की तर्ज पर आकर्षक विद्युत सज्जा की तैयारी है।
पूजा समितियां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मीना बाजार, झूलों और भोग वितरण की भी व्यवस्था कर रही हैं।
1. कडरू में 16 फीट ऊंची मां काली की प्रतिमा होगी स्थापित
कडरू स्थित कपिलदेव मैदान में शक्ति क्लब काली पूजा समिति की ओर से इस वर्ष काल्पनिक स्वरूप का भव्य पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। यहां मां काली की 16 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मां के दरबार को बंगाली पूजा पद्धति के अनुरूप सजाया जाएगा। समिति वर्ष 1987 से लगातार काली पूजा का आयोजन कर रही है। इस वर्ष पूजा पंडाल का उद्घाटन 8 नवंबर को किया जाएगा। इसके बाद 9 नवंबर को संगीत कार्यक्रम, 10 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 11 नवंबर को आर्केस्ट्रा का आयोजन होगा।
श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए मीना बाजार, खाने-पीने के स्टॉल और विभिन्न प्रकार के झूलों की व्यवस्था भी की जाएगी। समिति के अनुसार, पूरे आयोजन पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
2. लोअर चुटिया में दिखेगा अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर का प्रारूप
लोअर चुटिया स्थित महावीर मंदिर परिसर में नव जागृति संघ काली पूजा समिति इस बार अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर के प्रारूप पर आधारित पंडाल तैयार करा रही है। पंडाल के अंदर कांच और शीशे की नक्काशी की जाएगी, जबकि मां काली की 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी।
समिति के अध्यक्ष अमन साहू के अनुसार, मां के दरबार को स्वर्ण आभूषणों जैसी आकर्षक सजावट दी जाएगी। समिति वर्ष 1968 से काली पूजा का आयोजन करती आ रही है। इस बार पूजा पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 9 नवंबर से श्रद्धालुओं के लिए खीर, खिचड़ी और हलवा-पूड़ी सहित विभिन्न प्रकार के भोग की व्यवस्था होगी। बच्चों के मनोरंजन के लिए मिक्की माउस और जंपिंग जैसे झूले भी लगाए जाएंगे।
3. मकचुंद टोली में कुटिया के स्वरूप में बनेगा पंडाल
चुटिया के मकचुंद टोली में नवीन यूथ क्लब की ओर से कुटिया के स्वरूप में भव्य काली पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल की सजावट के जरिए झारखंड की कला, संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को प्रदर्शित करने की तैयारी है।
समिति के पदाधिकारी सिद्धार्थ पांडेय के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे। पंडाल परिसर में विशेष विद्युत सज्जा की व्यवस्था भी की जा रही है। पूजा के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं के बीच भोग वितरित किया जाएगा। इस आयोजन पर करीब नौ लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
4. कुसई में 15 लाख प्लास्टिक बोतलों और चम्मचों से बनेगा पंडाल
कुसई कॉलोनी काली पूजा समिति इस बार अपने अनूठे पंडाल को लेकर चर्चा में है। समिति के अनुसार, पंडाल के निर्माण में लगभग 15 लाख प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी खासियत 11 तोरण द्वार होंगे, जिन पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत युद्ध तक की झलक दिखाई जाएगी। समिति की सचिव मणिभूषण झा के अनुसार, पंडाल में मां काली की 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। समिति इस वर्ष काली पूजा का 42वां आयोजन कर रही है।
पांच दिवसीय पूजा के दौरान मीना बाजार, झूले और भोग वितरण की व्यवस्था रहेगी। पूरे आयोजन को भव्य बनाने के लिए लगभग 40 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों से तैयार होने वाला यह पंडाल रांची में काली पूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है।
5. निवारणपुर में चंदन नगर की विद्युत सज्जा से जगमगाएगा पंडाल
अनंतपुर-निवारणपुर काली पूजा कमेटी इस वर्ष काल्पनिक स्वरूप का पंडाल तैयार करा रही है। यहां मां श्यामा काली की 10 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पंडाल को पश्चिम बंगाल के चंदन नगर की तर्ज पर आकर्षक विद्युत सज्जा से रोशन किया जाएगा।
धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। 11 नवंबर को रक्तदान शिविर लगाया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोग रिम्स के मरीजों के लिए रक्तदान करेंगे। बच्चों के लिए चित्रांकन और शंख बजाने की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। महिलाओं के लिए कैंडल लाइट भोग की व्यवस्था भी रहेगी।
भोग वितरण के तहत दूसरे दिन खीर, तीसरे दिन हलवा और अंतिम दिन खिचड़ी वितरित की जाएगी। समिति के अनुसार, विसर्जन शोभायात्रा 12 नवंबर को शाम चार बजे तपोवन मंदिर मैदान से शुरू होकर बड़ा तालाब की ओर जाएगी। पूरे आयोजन पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
रांची में काली पूजा के ये होंगे प्रमुख आकर्षण
- कुसई कॉलोनी: 15 लाख प्लास्टिक बोतलों और चम्मचों से बना अनूठा पंडाल।
- लोअर चुटिया: अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर के प्रारूप पर आधारित पंडाल।
- कडरू: 16 फीट ऊंची मां काली की प्रतिमा और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- मकचुंद टोली: कुटिया के स्वरूप में पंडाल और झारखंड की कला-संस्कृति की झलक।
- निवारणपुर: चंदन नगर की तर्ज पर विद्युत सज्जा, रक्तदान शिविर और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं।
रांची में काली पूजा के ये आयोजन धार्मिक आस्था के साथ कला, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का संगम पेश करेंगे। अनूठे पंडालों, आकर्षक रोशनी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भोग वितरण के कारण इस बार शहर में श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








