Ranchi: नगर निगम चुनाव को लेकर रांची में सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। नामांकन के अंतिम दिन बुधवार को जिस तरह से उम्मीदवारों और समर्थकों की भीड़ अचानक बढ़ी, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। क्या यह सिर्फ तारीख का असर था या इसके पीछे कोई चुनावी रणनीति काम कर रही है?
आंकड़ों पर नजर डालें तो आखिरी दिन मेयर पद के लिए 9 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। इससे पहले एक दिन में 10 उम्मीदवार मैदान में उतर चुके थे। यानी मेयर की कुर्सी को लेकर कुल मिलाकर मुकाबला जितना दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा उलझा हुआ नजर आ रहा है।
पार्षद पद पर आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
मेयर से ज्यादा हलचल पार्षद पद पर देखने को मिली। बुधवार को अकेले 167 प्रत्याशियों ने पर्चा भरा, जिनमें 96 महिलाएं शामिल थीं। पूरे नगर निगम क्षेत्र के 53 वार्डों में कुल 466 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें से 285 महिला उम्मीदवार हैं, जो कुल संख्या का करीब 61 प्रतिशत बैठता है।
यह आंकड़ा अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है—
क्या यह बढ़ती राजनीतिक जागरूकता का संकेत है या फिर चुनावी गणित का नया प्रयोग?
कुछ वार्डों में भीड़, कुछ में सन्नाटा
वार्डवार स्थिति देखें तो असमान तस्वीर सामने आती है।
- वार्ड 34 में सबसे ज्यादा 26 प्रत्याशी मैदान में हैं
- वार्ड 25 में 20 उम्मीदवार
- वार्ड 32 में 17, वार्ड 4 में 16 और वार्ड 50 में 14 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं
वहीं दूसरी ओर,
वार्ड 12, 17, 26, 33, 35 और 36 ऐसे वार्ड हैं, जहां केवल 4-4 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
सवाल यह है कि क्या कम उम्मीदवार होना राजनीतिक सहमति का संकेत है या चुनावी दिलचस्पी की कमी?
महिलाओं की मौजूदगी ने बदला चुनाव का मूड
इस बार चुनाव में महिलाओं की मजबूत मौजूदगी ने पूरे माहौल को अलग रंग दिया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से चुनावी मुद्दों का फोकस बदल सकता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे अचानक चर्चा के केंद्र में आ सकते हैं।
आख़िर संकेत क्या हैं?
आख़िरी दिन की यह भीड़, असमान वार्डवार आंकड़े और महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी—
क्या यह किसी बड़े चुनावी उलटफेर की तैयारी है?
या फिर यह सिर्फ नामांकन का आंकड़ा है, जिसका असली असर मतदान के दिन दिखेगा?
फिलहाल इतना तय है कि रांची नगर निगम चुनाव इस बार सिर्फ संख्या की नहीं, बल्कि संकेतों की राजनीति बन चुका है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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