Ranchi में प्राकृतिक खेती और श्री अन्न पर कार्यशाला, किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील
रांची: झारखंड की राजधानी Ranchi स्थित दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, मोराबादी में प्राकृतिक खेती और श्री अन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा किसान मोर्चा, झारखंड के तत्वावधान में प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू के नेतृत्व में किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी भावेशानंद ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि “भारत को विश्व गुरु बनाने का रास्ता कृषि से होकर गुजरता है।” उन्होंने कहा कि देश की समृद्धि और आत्मनिर्भरता का आधार कृषि है तथा किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए।
प्राकृतिक खेती से कम लागत में बेहतर उत्पादन संभव: पवन साहू
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है। इसके कारण खेती की लागत बढ़ रही है और पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती से कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
श्री अन्न की खेती को बताया भविष्य की जरूरत
प्रदेश महामंत्री अर्जुन सिंह ने कार्यशाला में श्री अन्न, विशेष रूप से मड़ुवा (रागी) की खेती के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कम पानी और कम लागत में बेहतर उत्पादन देने वाली यह फसल बदलती जलवायु परिस्थितियों में किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि की संभावना है।
विशेषज्ञों ने बताए प्राकृतिक खेती के फायदे
कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ डॉ. बिसाखा सिंह ने श्री अन्न के पोषण संबंधी महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मड़ुवा सहित अन्य मोटे अनाज कैल्शियम, आयरन, फाइबर और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनके नियमित सेवन से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं।
वहीं, डॉ. अजित कुमार सिंह ने प्राकृतिक खेती में गोमूत्र, गोबर, बेसन और गुड़ से तैयार जैविक घोल एवं खाद बनाने की प्रक्रिया और उसके उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन जैविक संसाधनों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, उत्पादन लागत घटती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यशाला में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अर्जुन सिंह, राजेश कुशवाहा, अरबिंद्र सिंह खुराना, विनोद ठाकुर, अजय मुंडा, Ranchi महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, ग्रामीण जिला पूर्वी अध्यक्ष धीरज कुमार महतो, प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, सुरेंद्र महतो, सज्जन कुमार पंकज, संजय मंडल, अवदेश दुबे, बिट्टी सहदेव सहित कई पदाधिकारी और प्रदेशभर से आए सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने प्राकृतिक खेती और श्री अन्न के उत्पादन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया तथा विशेषज्ञों द्वारा बताए गए वैज्ञानिक तरीकों को अपने खेतों में अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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