Ration Card New Rules 2026: अगर आपके परिवार का राशन हर महीने सिर्फ एक ही व्यक्ति लेकर आता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में लाभार्थियों का सत्यापन और फर्जी राशन कार्डों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बायोमेट्रिक सत्यापन अभियान तेज कर दिया है। कई राज्यों में अब राशन कार्ड में दर्ज हर सदस्य का समय-समय पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने पर जोर दिया जा रहा है।
जानिए क्या है Ration Card में नया बदलाव?
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने राज्यों को लाभार्थियों का 100% e-KYC और आधार सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत उचित मूल्य की दुकानों (PDS/FPS) पर लाभार्थियों की पहचान आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल वास्तविक पात्र लोगों को ही सरकारी राशन का लाभ दिलाना है।अब सिर्फ परिवार के मुखिया का राशन लेना क्यों पर्याप्त नहीं?
मान लीजिए किसी राशन कार्ड में पांच सदस्यों के नाम दर्ज हैं। यदि पूरे साल केवल परिवार का मुखिया ही राशन लेने जाता है और बाकी सदस्य कभी भी अपना बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराते, तो उन सदस्यों की उपस्थिति का रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाता। ऐसे मामलों में संबंधित सदस्य सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जांच के दायरे में आ सकते हैं। कुछ राज्यों ने ऐसे लाभार्थियों का समय-समय पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के निर्देश भी जारी किए हैं।क्या एक साल तक अंगूठा नहीं लगाने पर नाम कट जाएगा?
हाल के दिनों में यह खबर तेजी से वायरल हुई है कि यदि किसी सदस्य ने लगातार एक वर्ष तक बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराया, तो उसका नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा। दरअसल, धनबाद सहित कुछ जिलों में खाद्य आपूर्ति विभाग ने लाभार्थियों को समय-समय पर स्वयं उपस्थित होकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने की सलाह दी है। वहां अधिकारियों ने कहा है कि लंबे समय तक सत्यापन नहीं होने पर संबंधित सदस्य का नाम हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, यह पूरे देश में लागू एक समान केंद्रीय नियम नहीं है। लाभार्थियों की सूची में संशोधन और सत्यापन की प्रक्रिया राज्यों के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।अगर फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो तो क्या होगा?
सरकार ने ऐसे लोगों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था रखी है जिनके फिंगरप्रिंट मशीन पर मैच नहीं होते। कई राज्यों में आईरिस स्कैन या अन्य वैकल्पिक प्रमाणीकरण के माध्यम से भी लाभार्थी अपनी पहचान सत्यापित करा सकते हैं। उद्देश्य किसी पात्र व्यक्ति को राशन से वंचित करना नहीं, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना है।सरकार यह बदलाव क्यों कर रही है?
सरकार का कहना है कि बायोमेट्रिक सत्यापन से:- फर्जी और डुप्लीकेट राशन कार्डों की पहचान होगी।
- मृत लाभार्थियों के नाम हटाए जा सकेंगे।
- सरकारी अनाज केवल वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचेगा।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
राशन कार्ड धारकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपके राशन कार्ड में एक से अधिक सदस्यों के नाम दर्ज हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि सभी सदस्य समय-समय पर उचित मूल्य की दुकान पर जाकर अपना बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं। साथ ही अपने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी ताजा दिशा-निर्देशों और समय-सीमा पर भी नजर रखें, क्योंकि सत्यापन अभियान और नियम राज्यवार अलग-अलग हो सकते हैं। ये भी देखें: Koderma में 15 दिनों में दूसरी बार चोरी की कोशिश, बेटी की सतर्कता से बचा घर
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