झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब कचरा प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समन्वय बैठक में बना एक्शन प्लान
चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में आयोजित एक अहम बैठक में सभी विभागाध्यक्ष, नर्सिंग स्टाफ, हाउसकीपिंग टीम, भवन निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसी मेडिकेयर के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में यह तय किया गया कि बायोमेडिकल वेस्ट का संग्रह, पृथक्करण और सुरक्षित परिवहन सभी संबंधित पक्षों की संयुक्त जिम्मेदारी होगी। कचरे को निर्धारित प्रक्रिया के तहत कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाना अनिवार्य होगा।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
RIMS प्रबंधन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि हर विभाग अपने स्तर पर वेस्ट मैनेजमेंट की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करे। किसी भी तरह की लापरवाही से संक्रमण और प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है, जिसे रोकना प्राथमिकता होगी।
आवारा कुत्तों पर भी कार्रवाई
बैठक में अस्पताल परिसर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर भी गंभीर चर्चा हुई। यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि सामान्य कचरा और बायोमेडिकल वेस्ट किसी भी हालत में खुले में न पड़े, जिससे जानवर उसे इधर-उधर न फैला सकें।
सॉलिड वेस्ट एरिया की होगी घेराबंदी
एक अहम फैसले के तहत सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल एरिया के चारों ओर जालीदार बाउंड्री बनाई जाएगी। इससे आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं की एंट्री पूरी तरह रोकी जा सकेगी।
नगर निगम करेगा कार्रवाई
RIMS परिसर में घूम रहे आवारा कुत्तों को हटाने के लिए नगर निगम को सूचित किया जाएगा। नियमानुसार कार्रवाई कर परिसर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
रिम्स प्रशासन का यह नया एक्शन प्लान न सिर्फ अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा बनाएगा, बल्कि संक्रमण और प्रदूषण के खतरे को भी काफी हद तक कम करेगा। साथ ही, आवारा कुत्तों पर नियंत्रण से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।












