Jharkhand News: राज्यभर में लगातार हो रही भारी बारिश से नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. जीवन रेखा मानी जाने वाली दामोदर नदी, इसके साथ-साथ बराकर, जमुनिया, गोबई, इरजी और खुदिया जैसी प्रमुख और सहायक नदियां पूरी तरह उफान पर हैं. इन नदियों में बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है.
डैमों में बढ़ा जलस्तर, लगातार छोड़ा जा रहा पानी
धनबाद स्थित मैथन डैम (बराकर नदी पर) और पंचेत डैम (दामोदर नदी पर) में भारी मात्रा में पानी भर गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दामोदर घाटी निगम (DVC) ने डैमों से लगातार पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रखा है.
बीते एक सप्ताह में कुल 4.78 लाख एकड़ फीट पानी छोड़ा जा चुका है बुधवार को:
मैथन डैम से 2,691 एकड़ फीट
पंचेत डैम से 71,431 एकड़ फीट पानी छोड़ा गया.
- 28 जून को: मैथन से सबसे अधिक 10,539 एकड़ फीट पानी छोड़ा गया था.
- मंगलवार को: पंचेत से 72,023 एकड़ फीट पानी का निकासी की गई.
- सात दिनों में कुल: मैथन से 46,135 एकड़ फीट
पंचेत से 4.31 लाख एकड़ फीट पानी रीलिज किया जा चुका है.इसके अलावा, तेनुघाट और कोनार डैम में भी लगातार जलस्तर नियंत्रित करने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है, जो कि मैथन और पंचेत डैम में जमा हो रहा है.
पश्चिम बंगाल के चार क्षेत्रों में बाढ़ की चेतावनी
DVC ने पश्चिम बंगाल के चार संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ की संभावित आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी की है. चेतावनी जारी किए गए इलाके हैं:
- दुर्गापुर
- सदरघाट
- सुरेकलना
- आमता
इन इलाकों के नदी किनारे रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है. यह चेतावनी एहतियातन जारी की गई है ताकि किसी प्रकार की जनहानि या आपदा से बचा जा सके.
प्रशासन अलर्ट मोड पर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और DVC की टीमें लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही हैं. स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और नदी किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें.












