Sawan 2026 Deoghar Kanwar Yatra: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इसी दौरान झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला आयोजित होता है। हर साल करोड़ों श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करते हैं। बाबा धाम को भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक तथा प्रमुख शक्तिपीठों में भी गिना जाता है।
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Sawan 2026 कब से शुरू होगा?
उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार सावन माह जुलाई 2026 में शुरू होकर अगस्त 2026 तक रहेगा। सावन के सोमवार (सोमवारी) विशेष रूप से शिवभक्तों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वर्ष 2026 में प्रमुख सावन सोमवार 13 जुलाई, 20 जुलाई, 27 जुलाई और 3 अगस्त को पड़ेंगे।
श्रावणी मेला 2026 की संभावित तिथियां
देवघर में आयोजित होने वाला श्रावणी मेला जुलाई के अंतिम सप्ताह से अगस्त मध्य तक चल सकता है। विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्रोतों के अनुसार 27 जुलाई से 19 अगस्त 2026 के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
क्या है सुल्तानगंज से देवघर कांवर यात्रा की विशेषता?

कांवड़ यात्रा की शुरुआत बिहार के सुल्तानगंज से होती है, जहां गंगा नदी उत्तरवाहिनी होकर बहती है। श्रद्धालु यहां से गंगाजल भरते हैं और उसे कांवर में लेकर पैदल देवघर पहुंचते हैं। मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ पर यह जल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Sultanganj to Deoghar Kanwar Yatra Route 2026

सुल्तानगंज से देवघर तक का प्रसिद्ध कांवरिया पथ लगभग 105 से 108 किलोमीटर लंबा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु कई पड़ावों से होकर गुजरते हैं।
प्रमुख पड़ाव
- सुल्तानगंज
- असरगंज
- तारापुर
- कटोरिया
- इनारावरण
- सरवां
- देवघर (बाबाधाम)
पूरी यात्रा आमतौर पर 4 से 5 दिनों में पूरी की जाती है। वहीं डाक बम श्रद्धालु बिना रुके लगातार दौड़ते या चलते हुए यात्रा पूरी करते हैं।
बाबा बैद्यनाथ धाम का धार्मिक महत्व

बाबा बैद्यनाथ धाम को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यता के अनुसार रावण ने यहीं भगवान शिव की कठिन तपस्या की थी। शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार रावण द्वारा स्थापित शिवलिंग ही आज बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजित है। यही कारण है कि सावन में यहां लाखों नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
Kanwar Yatra 2026 के महत्वपूर्ण नियम
श्रावणी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कुछ नियमों का पालन करना चाहिए:
- कांवर को जमीन पर नहीं रखना चाहिए।
- यात्रा के दौरान सात्विक भोजन ग्रहण करें।
- गंगाजल को शुद्ध और सुरक्षित रखें।
- भगवान शिव के नाम का स्मरण करते हुए यात्रा करें।
- प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
- भीड़भाड़ वाले दिनों में सुरक्षा नियमों का विशेष ध्यान रखें।
2026 में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं

झारखंड और बिहार सरकार द्वारा श्रावणी मेला 2026 के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कांवरिया पथ पर टेंट सिटी, पेयजल, चिकित्सा शिविर, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। देवघर प्रशासन ने भी मेले को लेकर विभिन्न सुविधाओं के लिए निविदाएं जारी की हैं।
बाबा धाम में दर्शन के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
हाल के प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार श्रावणी मेले के दौरान मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और बड़े बैग ले जाने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले नवीनतम निर्देश अवश्य जांच लेने चाहिए।
पहली बार कांवर यात्रा करने वालों के लिए सुझाव
- अत्यधिक भीड़ से बचने के लिए सोमवार के अलावा अन्य दिनों का चयन करें।
- आरामदायक कपड़े और मजबूत जूते पहनें।
- पर्याप्त पानी पीते रहें।
- मेडिकल किट साथ रखें।
- रात में निर्धारित शिविरों में ही विश्राम करें।
- समूह में यात्रा करना अधिक सुरक्षित रहता है।
सावन 2026 की देवघर कांवर यात्रा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का महापर्व है। सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम तक की 108 किलोमीटर की यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और अद्भुत अनुभव प्रदान करती है। यदि आप भी Sawan 2026 Kanwar Yatra की योजना बना रहे हैं तो समय रहते तैयारी करें और बाबा भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करें।
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कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









