रांची: राजधानी रांची के DPS चौक (HEC बाईपास रोड) पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर बुधवार को एक बार फिर स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। सुबह से ही मौके पर हंगामे और विरोध के कारण यातायात प्रभावित रहा। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और पहचान को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मौके पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची पुलिस टीम में कई पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट दिखाई नहीं दे रही थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब मौके पर तनावपूर्ण स्थिति हो, भीड़ जमा हो और पुलिस बल कार्रवाई कर रहा हो, तब ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की पहचान स्पष्ट क्यों नहीं हो रही थी?

कई पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट गायब, पत्रकारों ने पूछा सवाल
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद पत्रकारों ने जब कई पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट नहीं होने को लेकर अधिकारियों से सवाल किया, तो इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।
यही वजह है कि अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कई पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट क्यों गायब थी? क्या यह किसी प्रक्रिया या प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा मामला है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
भीड़ में कुछ हुआ तो जिम्मेदार कौन?
DPS चौक पर कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। अतिक्रमण हटाने को लेकर लोगों में नाराजगी थी और इसी दौरान सड़क जाम भी किया गया।
ऐसे में अगर भीड़ के बीच किसी तरह की धक्का-मुक्की, भगदड़ या कोई अप्रिय घटना होती है, तो मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की स्पष्ट पहचान बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

सवाल यही है कि अगर किसी घटना के बाद किसी पुलिसकर्मी की भूमिका को लेकर शिकायत सामने आती है, तो उसकी पहचान कैसे सुनिश्चित होगी? और ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी?
“असली कौन, नकली कौन?” सवाल भी उठना लाजिमी
जब कई पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट दिखाई नहीं दे रही हो और मौके पर बड़ी भीड़ मौजूद हो, तो आम लोगों के बीच भी पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती है।
ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की पहचान कैसे सुनिश्चित की जा रही है? हालांकि, बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के किसी पुलिसकर्मी को फर्जी या वास्तविक बताना उचित नहीं होगा। लेकिन पुलिस बल की पहचान स्पष्ट रखने को लेकर सवाल जरूर उठते हैं।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का स्थानीय लोग कर रहे विरोध
दरअसल, मंगलवार, 15 सितंबर को जिला प्रशासन और रांची नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल, जेसीबी और बुलडोजर के साथ HEC बाईपास रोड के किनारे पहुंची थी। प्रशासन के अनुसार, HEC और रेलवे की जमीन पर बने कथित अवैध निर्माण और बस्तियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। बुधवार को भी लोग सड़क पर उतर आए और DPS चौक के पास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें अपने घर और दुकान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। महिलाओं ने हरतालिका तीज के तुरंत बाद कार्रवाई किए जाने पर भी नाराजगी जताई है।

अब प्रशासन के जवाब का इंतजार
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच कई पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट गायब होने का मुद्दा अब चर्चा में है। पत्रकारों के सवाल पर मौके पर अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या यह बताया जाता है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी।
फिलहाल DPS चौक और HEC बाईपास रोड पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी बनी हुई है, जबकि स्थानीय लोगों का विरोध और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश जारी है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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