Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 28 सितंबर को एक बार फिर भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। पिछले सप्ताह लगातार सातवें हफ्ते लाल निशान में बंद हुए बाजार पर आज भी दबाव बना हुआ है। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 73,000 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी में करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में बैंकिंग और FMCG शेयरों में खास तौर पर बिकवाली देखी जा रही है। निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। नीचे दिए गए आंकड़े आपके उपलब्ध बाजार अपडेट और 25 सितंबर के बाजार क्लोज डेटा पर आधारित हैं। इंट्राडे स्तर कारोबार के दौरान बदल सकते हैं।
बाजार में आज कितनी गिरावट?
सोमवार के कारोबार में:
- सेंसेक्स: करीब 1000 अंक या 1.30% नीचे, 73,000 के स्तर से नीचे
- निफ्टी: करीब 300 अंक या 1.30% नीचे, 23,000 के स्तर से नीचे
- बैंकिंग और FMCG शेयर: बिकवाली के दबाव में
- सेंसेक्स के सभी 30 शेयर: लाल निशान में कारोबार
25 सितंबर को बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 73,896 और निफ्टी 23,141 पर थे। बैंक निफ्टी 17,474 और स्मॉलकैप 50 इंडेक्स 9,883 पर बंद हुआ था।
बाजार में गिरावट की 2 बड़ी वजह
कच्चा तेल फिर 105 डॉलर के पार
बाजार में दबाव की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को माना जा रहा है। उपलब्ध अपडेट के मुताबिक ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ा है। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल कई स्तरों पर चिंता बढ़ा सकता है। इससे:
- तेल आयात का खर्च बढ़ सकता है
- महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है
- चालू खाते पर असर पड़ सकता है
- रुपये पर दबाव बढ़ सकता है
यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर शेयर बाजार की धारणा पर भी दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
दूसरी बड़ी चिंता अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.11% तक पहुंच गई है, जो 2007 के बाद का उच्च स्तर बताया गया है।
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारतीय बाजार पर क्यों असर पड़ता है?
सरल भाषा में समझें तो बॉन्ड यील्ड सरकारी बॉन्ड से मिलने वाले रिटर्न को दर्शाती है। बाजार में बॉन्ड की खरीद-बिक्री और मांग-आपूर्ति के कारण इसकी कीमत और यील्ड में बदलाव होता है।
जब अमेरिकी बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है तो डॉलर आधारित निवेश की आकर्षकता बढ़ सकती है। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिकी परिसंपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं। भारत जैसे बाजार में इसका असर FII/FPI की बिकवाली और रुपये पर दबाव के रूप में देखने को मिल सकता है।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में बिकवाली
सोमवार के कारोबार में सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में दबाव देखने को मिला। बैंकिंग और FMCG कंपनियों के शेयरों में बिकवाली बाजार की गिरावट को और बढ़ाती नजर आई।
25 सितंबर के बाजार क्लोज के आंकड़ों के मुताबिक निफ्टी के टॉप गेनर्स में:
| शेयर | बंद भाव | बढ़त | बदलाव |
| एक्सिस बैंक | ₹1,222 | ₹35.90 | 3.03% |
| एशियन पेंट्स | ₹2,444 | ₹51.30 | 2.14% |
| M&M | ₹3,035 | ₹52.30 | 1.75% |
वहीं टॉप लूजर्स में:
| शेयर | बंद भाव | गिरावट | बदलाव |
| मैक्स हेल्थकेयर | ₹1,014 | ₹32.00 | 3.06% |
| TMPV | ₹290 | ₹4.55 | 1.54% |
| इंफोसिस | ₹1,000 | ₹14.30 | 1.41% |
स्रोत: BSE/NSE | 25 सितंबर 2026 के उपलब्ध आंकड़े
आज से खुले 2 IPO, 30 सितंबर तक लगा सकेंगे बोली
शेयर बाजार की गिरावट के बीच सोमवार से दो IPO निवेशकों के लिए खुल गए हैं। इनमें SRIT इंडिया और शाह इन्वेस्टर्स होम शामिल हैं।
आपके उपलब्ध IPO अपडेट के मुताबिक:
| इवेंट | SRIT इंडिया | शाह इन्वेस्टर्स होम |
| IPO ओपनिंग | 28 सितंबर | 28 सितंबर |
| IPO क्लोजिंग | 30 सितंबर | 30 सितंबर |
| शेयर अलॉटमेंट | 1 अक्टूबर | 1 अक्टूबर |
| रिफंड/शेयर क्रेडिट | 5 अक्टूबर | 5 अक्टूबर |
| लिस्टिंग | 6 अक्टूबर | 6 अक्टूबर |
SRIT इंडिया IPO के जरिए करीब ₹218 करोड़, जबकि शाह इन्वेस्टर्स होम करीब ₹90.17 करोड़ जुटाने की योजना रखती है। IPO में निवेश करने से पहले कंपनी का DRHP/RHP, वैल्यूएशन, वित्तीय स्थिति, जोखिम और इश्यू से मिलने वाली राशि के इस्तेमाल की जानकारी जरूर देखें।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
सोमवार को एशियाई बाजारों में कारोबार एक जैसा नहीं रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | प्रतिशत बदलाव |
| कोस्पी | 6,910 | -169 | -2.48% |
| निक्केई | 66,334 | -31 | -0.05% |
| हैंगसेंग | 24,682 | +172 | +0.70% |
दक्षिण कोरिया के कोस्पी में सबसे ज्यादा गिरावट दिखाई गई, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बाजार में 25 सितंबर को तेजी
भारतीय बाजार में सोमवार की कमजोरी के बीच पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे।
| इंडेक्स | क्लोजिंग लेवल | पॉइंट चेंज | प्रतिशत बदलाव |
| डाउ जोन्स | 51,829 | +479 | +0.93% |
| नैस्डैक | 27,069 | +129 | +0.48% |
| S&P 500 | 7,743 | +39 | +0.51% |
हालांकि अमेरिकी बाजार की यह बढ़त भारतीय बाजार में सोमवार की शुरुआती कमजोरी को रोक नहीं सकी।
FII की लगातार बिकवाली, DII ने संभाला बाजार
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:
| निवेशक | आज/लेटेस्ट | पिछले 7 दिन | पिछले 30 दिन |
| DII | +₹2,838 करोड़ | +₹13,601 करोड़ | +₹57,206 करोड़ |
| FII/FPI | -₹3,694 करोड़ | -₹10,914 करोड़ | -₹26,517 करोड़ |
इससे पता चलता है कि जहां घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII खरीदारी कर रहे हैं, वहीं विदेशी संस्थागत/पोर्टफोलियो निवेशक यानी FII/FPI लगातार बिकवाली कर रहे हैं।
नोट: FII/FPI और DII की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपये में हैं।
पिछले हफ्ते भी गिरा था बाजार
25 सितंबर को खत्म हुए कारोबारी सप्ताह में भी भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ था।
- निफ्टी: 206 अंक यानी 0.9% गिरकर 23,141 पर बंद
- सेंसेक्स: 400 अंक यानी 0.5% गिरकर 73,896 पर बंद
इस तरह निफ्टी में लगातार सातवें सप्ताह गिरावट दर्ज हुई थी। हालांकि सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को बाजार में तेजी देखने को मिली थी।
शेयर बाजार में आगे किन चीजों पर रहेगी नजर?
निवेशकों के लिए आने वाले कारोबारी सत्रों में कुछ प्रमुख फैक्टर महत्वपूर्ण रहेंगे:
- कच्चे तेल की कीमत
- अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड
- FII/FPI की खरीद-बिकवाली
- डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल
- अमेरिकी फेड की ब्याज दर संबंधी नीति
- भू-राजनीतिक तनाव
- बैंकिंग और FMCG शेयरों में बिकवाली का रुख
भारतीय शेयर बाजार पर इस समय घरेलू और वैश्विक दोनों कारकों का दबाव दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दे हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे रही है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार और IPO में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले आधिकारिक दस्तावेज और योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह पर विचार करें।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








