नई दिल्ली: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में INDIA ब्लॉक की बड़ी रैली रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की जा रही है। रैली में 20 से अधिक विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस ने रैली में करीब 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है।
रैली को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता संबोधित करेंगे। विपक्ष की ओर से SIR का विरोध करने के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।
रामलीला मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रैली को देखते हुए रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मैदान और आसपास करीब 200 से 250 CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। अलग-अलग हिस्सों में बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरे बनाए गए हैं। पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स और स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है।
दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी है। इसके बाद मैदान खाली करना होगा।
व्यापारियों ने रैली को लेकर जताई चिंता
रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है। कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को चौथी बार पत्र लिखकर रैली की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी।
CTI का दावा है कि रैली के कारण करीब 2.5 लाख दुकानें प्रभावित हो सकती हैं और 10 से 12 हजार करोड़ रुपये तक के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है। संगठन के मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट जैसे बड़े बाजारों पर भी असर पड़ सकता है। वहीं राहुल गांधी ने रैली में आने वाले लोगों से दिल्ली के व्यापारियों से खरीदारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के साथ लोग स्थानीय कारोबारियों की मदद भी करें।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने-सामने
SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। वहीं चुनाव आयोग SIR की प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष अदालत के सामने रख चुका है।
मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है। 27 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा था कि SIR से जुड़े फैसले सभी सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आयोग के जवाब पर अपनी बात रखने के लिए 10 दिन का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को होगी।
विपक्ष की लगातार सातवीं बड़ी लामबंदी
विपक्षी दल पिछले कुछ हफ्तों से SIR के मुद्दे पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यह लड़ाई मतदाताओं के अधिकार, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़ी है।
रैली से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लोगों से रामलीला मैदान पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और वोट के अधिकार की लड़ाई बताया।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









