Stock Market Update: सेंसेक्स 750 अंक टूटा, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल ने पकड़ी रफ्तार
Stock Market Update: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिल रही है। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों और मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों ने बिकवाली का रास्ता चुना है।
मध्य-पूर्व में युद्ध के बादल और गहरे होते जा रहे हैं। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 22 अप्रैल की सीजफायर की समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद टकराव बरकरार है। एक तरफ अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी है, तो दूसरी तरफ ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से दो जहाजों को कब्जे में ले लिया है।
कूटनीतिक स्तर पर भी निराशा हाथ लगी है; पाकिस्तान में होने वाली प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता अब अधर में लटक गई है, और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा रद्द होने से निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल और बढ़ गया है। कूटनीतिक विफलता की इस खबर ने ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
मार्केट का ताजा हाल (24 अप्रैल, 2026)
आज शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। मुख्य सूचकांकों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- सेंसेक्स: 750 अंक (99%) की गिरावट के साथ 76,900 के स्तर पर।
- निफ्टी: 200 अंक (85%) फिसलकर 23,950 के स्तर पर।
- सबसे ज्यादा मार: आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है।
Stock Market Update: कल (23 अप्रैल) की बाजार रिपोर्ट
कल के बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी नाजुक थी।
| इंडेक्स | क्लोजिंग लेवल | गिरावट (अंक) | गिरावट (%) |
| सेंसेक्स | 77,664 | 852 | 1.09% |
| निफ्टी | 24,159 | 220 | 0.9% |
| मिड कैप 50 | 16,936 | 122 | 0.71% |
| स्मॉल कैप 50 | 8,633 | 58 | 0.67% |
Stock Market Update: टॉप गेनर्स और लूजर्स (23 अप्रैल)
- टॉप गेनर: डॉ. रेड्डीज (+87%), सिप्ला (+5.72%), जियो फिन (+4.19%)।
- टॉप लूजर: ट्रेंट (टाटा ग्रुप) (-3%), श्रीराम फाइनेंस (-3.31%), टेक महिंद्रा (-3.12%)।
बाजार गिरने के मुख्य कारण
अमेरिका-ईरान तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सीजफायर डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ है। ईरानी नौसेना द्वारा जहाजों को कब्जे में लेने और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ की घेराबंदी ने सप्लाई चेन की चिंता बढ़ा दी है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। सप्लाई बाधित होने की आशंका ने ग्लोबल इकोनॉमी पर दबाव डाल दिया है।
आईटी सेक्टर में भारी गिरावट
निफ्टी आईटी इंडेक्स 1000 अंकों (3.30%) से ज्यादा टूट चुका है। इंफोसिस के शेयर चौथी तिमाही के नतीजों के बाद 4% से अधिक गिरकर ₹1,190 पर आ गए हैं, हालांकि कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा है।
विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली
बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है:
- 23 अप्रैल: FIIs (Foreign Institutional Investors) ने ₹3,254 करोड़ के शेयर बेचे।
- इस महीने अब तक: विदेशी निवेशक ₹47,536 करोड़ की भारी बिकवाली कर चुके हैं।
- इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs (Domestic Institutional Investors) ने बाजार को संभालने की कोशिश की है और इस महीने अब तक ₹34,777 करोड़ की खरीदारी की है।
वैश्विक बाजारों की स्थिति
- एशियाई बाजार: कोस्पी और हैंगसेंग में गिरावट है, जबकि जापान का निक्केई मामूली बढ़त पर है।
- अमेरिकी बाजार: 23 अप्रैल को डाउ जोन्स और नैस्डैक दोनों लाल निशान में बंद हुए थे।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए सावधानी बरतें। आईटी और एनर्जी सेक्टर के स्टॉक्स पर विशेष नजर रखें।












