Dhanbad : धनबाद में स्कूलों के वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही के खिलाफ जिला परिवहन विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें कई स्कूलों के वाहन सुप्रीम कोर्ट कमिटी ऑन रोड सेफ्टी के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी. द्विवेदी के नेतृत्व में दो दिनों तक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान विभागीय टीम ने चार स्कूलों गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल (बैंक मोड़), इंडियन स्कूल ऑफ लर्निंग (कतरास मोड़, झरिया), किड्स गार्डन सेकेंडरी स्कूल (झरिया) और सर्वमंगला पब्लिक स्कूल (भूली) के करीब 60 वाहनों की जांच की।
दो दिनों की जांच में 37 बसों पर ₹3.16 लाख का जुर्माना
जांच में यह पाया गया कि कई बसों में फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बॉक्स और फिटनेस सर्टिफिकेट जैसी मूलभूत सुरक्षा सुविधाएँ नहीं थीं। कुछ वाहनों के कागजात अधूरे थे, जबकि कई चालकों के पास मान्य ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं था। इतना ही नहीं, कुछ बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा था, जिससे हादसे का ख़तरा बढ़ जाता है।
इन गंभीर खामियों के बाद विभाग ने दो दिनों में कुल 37 वाहनों पर ₹3,16,400 का चालान किया। 9 अक्टूबर को तीन स्कूलों के 21 वाहनों पर ₹1,66,400, जबकि 10 अक्टूबर को सर्वमंगला पब्लिक स्कूल के 16 वाहनों पर ₹1.5 लाख का जुर्माना लगाया गया।
जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी. द्विवेदी ने कहा कि स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि “बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगली जांच में लापरवाही पाए जाने पर बसों के परमिट रद्द किए जा सकते हैं।”
स्थानीय अभिभावकों ने जिला प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम बहुत आवश्यक था, क्योंकि अधिकांश अभिभावक रोज़ाना अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।

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