Russian woman in Gokarna: कर्नाटक के गोकर्ण में एक गुफा में रहने वाली रूसी महिला नीना कुटीना और उनकी दो बेटियों की कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। 40 वर्षीय नीना पिछले कई वर्षों से गुफा में रह रही थीं। अब प्रशासन द्वारा गुफा से बाहर निकाले जाने के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी के संघर्ष और भारत में बसने के कारणों का खुलासा किया।
15 साल में 20 देशों की यात्रा, बच्चों की खुद की डिलीवरी
नीना कुटीना ने पीटीआई से बातचीत में बताया, “पिछले 15 वर्षों में मैं लगभग 20 देशों में घूम चुकी हूं। मेरे बच्चे अलग-अलग देशों में पैदा हुए। उनकी डिलीवरी मैंने बिना किसी डॉक्टर या अस्पताल की मदद के खुद की, क्योंकि मुझे यह सब करना आता है। किसी ने मेरी मदद नहीं की, मैंने अकेले ही किया।”
गुफा में जीवन: प्रकृति के साथ एक अनोखा रिश्ता
नीना ने अपने गुफा में बिताए जीवन के बारे में कहा, “हम सूर्योदय के साथ जागते थे, नदियों में तैरते और प्रकृति के बीच रहते थे। मौसम के हिसाब से मैं आग या गैस सिलेंडर पर खाना बनाती और पास के गांव से जरूरी सामान खरीद लाती थी। हम पेंटिंग करते, गाने गाते, किताबें पढ़ते और शांतिपूर्ण जीवन जीते थे।”
खर्च के लिए आर्ट, म्यूजिक और बेबीसिटिंग
नीना ने बताया कि उनका खर्च कैसे चलता था। उन्होंने कहा, “मैं आर्ट और म्यूजिक वीडियो बनाकर, पढ़ाकर या बेबीसिटिंग करके पैसा कमाती थी। जब मेरे पास कोई काम नहीं होता या कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिलता जिसे मेरी सेवाओं की जरूरत हो, तो मेरे भाई, पिता और बेटा मदद करते थे। हमारे पास हमेशा जरूरत के हिसाब से पर्याप्त पैसा रहता था।”
भारत से जुड़ा खास लगाव, रूस वापस न जाने की वजह
रूस वापस न जाने के सवाल पर नीना ने बताया कि कई करीबियों के निधन और दस्तावेजी समस्याओं के कारण वह नहीं लौट सकीं। उन्होंने कहा, “हमने चार और देशों की यात्रा की लेकिन आखिरकार भारत वापस लौट आए, क्योंकि हमें इस देश के पर्यावरण, इसके लोगों और यहां की हर चीज से गहरा प्यार है।”
वर्तमान स्थिति से असंतोष
नीना ने यह भी कहा कि उन्हें वर्तमान में जिस जगह रखा गया है, वह उनके लिए असहज है। उन्होंने कहा, “यहां कोई निजता नहीं है, सफाई की कमी है और खाने में केवल सादा चावल दिया जा रहा है। हमारे कई सामान भी ले लिए गए, जिनमें मेरे 9 महीने पहले गुजरे बेटे की अस्थियां भी शामिल हैं।”
रूसी दूतावास से संपर्क
नीना फिलहाल रूसी दूतावास के संपर्क में हैं और उनकी आगे की स्थिति पर विचार किया जा रहा है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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