Ranchi: झारखंड में इस साल स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। परंपरा के अनुसार हर साल 15 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री झंडोतोलन करते हैं, जबकि राज्यपाल राज्य की उप-राजधानी दुमका में तिरंगा फहराते हैं। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अनुपस्थिति में यह जिम्मेदारी राज्यपाल निभाएंगे।
क्यों टूट रही है परंपरा
4 अगस्त 2025 को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता को मुखाग्नि दी थी और वर्तमान में वह श्राद्ध कर्मकांड के लिए अपने पैतृक गांव नेमरा में मौजूद हैं। ऐसे में 15 अगस्त को वह रांची में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग नहीं ले पाएंगे।
राज्यपाल करेंगे झंडोतोलन
मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में राज्यपाल मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण करेंगे। यह पहला मौका होगा जब स्वतंत्रता दिवस पर रांची में मुख्य समारोह का नेतृत्व राज्यपाल करेंगे।
मंत्रियों के ध्वजारोहण स्थल तय
राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के तहत विभिन्न जिलों में मंत्रियों को ध्वजारोहण की जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों के अनुसार सूची इस प्रकार है –
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राधाकृष्ण किशोर – पलामू
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दीपक बिरुआ – पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा)
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चामरा लिंडा – गुमला
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संजय प्रसाद यादव – गोड्डा
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इरफान अंसारी – जामताड़ा
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दीपिका पांडे – पाकुड़
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योगेंद्र प्रसाद – बोकारो
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सुदिव्य सोनू – गिरिडीह
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शिल्पी नेहा तिर्की – लोहरदगा
परेड और सुरक्षा की तैयारी पूरी
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कुल 14 प्लाटून जवान परेड में हिस्सा लेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतज़ाम किए हैं। ट्रैफिक रूट प्लान से लेकर वीआईपी सुरक्षा तक, सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।













