Jharkhand: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के पारंपरिक श्राद्ध कर्म के आठवें दिन एक खास नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता कल्पना सोरेन ढेंकी से चावल पीसती नजर आईं। उन्होंने इस पल की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि ढेंकी हमारे पारंपरिक विधान और रीति-रिवाज का अभिन्न हिस्सा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को अपने परिजनों संग दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की आत्मा की शांति के लिए पारंपरिक मान्यताओं के अनुरूप श्राद्ध कर्म का विधान पूरा किया।
इस अवसर पर कल्पना सोरेन ने खुद ढेंकी चलाकर चावल पीसा, जो झारखंड की पारंपरिक जीवनशैली और संस्कारों का प्रतीक है।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा—
“हमारे पारंपरिक विधान और रीति-रिवाज का अभिन्न हिस्सा है ढेंकी। वीर योद्धा दिशोम गुरु अमर रहें।”
ढेंकी चलाने की यह परंपरा खास मौकों पर महिलाओं द्वारा निभाई जाती है और इसे श्राद्ध जैसे धार्मिक कर्म में पवित्रता और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।











