Jamtara: मनरेगा में फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले दो प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी जामताड़ा ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त किए गए अधिकारियों में जामताड़ा के BPO गोविंद प्रसाद घोष और नाला के BPO नयन कुमार शामिल हैं।
क्या है मामला
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के विज्ञापन संख्या-01/2023-24 के तहत दोनों की नियुक्ति मनरेगा में BPO पद पर हुई थी। मुकेश कुमार यादव व अन्य ने जनता दरबार में शिकायत की कि गोविंद प्रसाद घोष और नयन कुमार द्वारा समर्पित PGDCA का प्रमाण-पत्र सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से निर्गत नहीं है।
शिकायत पर 29.08.2025 को मूल प्रमाण-पत्र के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। 10.11.2025 को जांच समिति के समक्ष दोनों ने शपथ पत्र दिया कि प्रमाण-पत्र में कोई विसंगति नहीं है। यदि त्रुटि मिली तो वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
जांच समिति ने 10.11.2025 को प्रतिवेदन सौंपा जिसमें स्पष्ट किया गया कि दोनों का PGDCA प्रमाण-पत्र सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान से निर्गत नहीं है। विज्ञापन की शर्तों के अनुसार दोनों BPO पद के लिए निर्धारित अर्हता पूरी नहीं करते और इनके प्रमाण-पत्र फर्जी हैं।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
मुकेश कुमार यादव व अन्य ने झारखंड हाईकोर्ट, रांची में W.P (S) No. 4607 of 2024 दायर की। हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में उपायुक्त ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए 22.05.2026 को बर्खास्तगी आदेश जारी किया।
विज्ञापन में थी ये शर्त
विज्ञापन के अनुसार स्नातक 55% अंक के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य था। अतिरिक्त योग्यता में सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान से MCA, PGDCA, BCA, BSc कंप्यूटर ऑनर्स आदि मांगी गई थी। जांच में पाया गया कि दोनों का PGDCA प्रमाण-पत्र इसी शर्त को पूरा नहीं करता।
उपायुक्त ने आदेश की प्रति दोनों बर्खास्त BPO और संबंधित BDO को भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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