झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi द्वारा स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रांची के नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा कि बाबूलाल मरांडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और पूरा मामला कोर्ट तक ले जाया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष सरकार और स्वास्थ्य विभाग की छवि खराब करने की नीयत से सुनियोजित तरीके से झूठे आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के लगातार बयानबाजी करना जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
“बाबूलाल मरांडी झूठे आरोप लगाकर भाग जाते हैं” : Irfan Ansari
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. Irfan Ansari ने एंबुलेंस खरीद, दवा खरीद और विभागीय भ्रष्टाचार से जुड़े सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी पहले भी कई बार बिना प्रमाण के आरोप लगाते रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाबूलाल मरांडी राज्य के मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर रह चुके हैं, इसलिए उन्हें तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर आरोप सही हैं तो वे सबूत सार्वजनिक करें।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि महालेखाकार (AG) की जिस प्रारंभिक रिपोर्ट का हवाला देकर विपक्ष सवाल उठा रहा है, वह कई साल पुरानी है। इस संबंध में विभाग की ओर से महालेखा कार्यालय को जवाब भी भेजा जा चुका है।
एंबुलेंस विवाद पर मंत्री ने पत्रकारों के सामने दिखाई दूरबीन
एनएचएम परिसर में 251 एंबुलेंस बेकार खड़ी होने के आरोप पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलग अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने पत्रकारों के सामने दूरबीन लहराते हुए कहा कि यह दूरबीन बाबूलाल मरांडी को उपहार में दी जाएगी, ताकि वे खुद देखकर बता सकें कि आखिर कहां एंबुलेंस धूल फांक रही हैं।
इस दौरान एनएचएम झारखंड के निदेशक शशि प्रकाश झा ने भी विभाग का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘108 एंबुलेंस सेवा’ की सभी गाड़ियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। वर्तमान में कुल 337 एंबुलेंस सेवा में हैं और कई वाहन आठ लाख किलोमीटर से अधिक चलने के बावजूद लगातार लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में 206 नई एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी है।
एक्सपायर दवाओं के आरोपों पर सरकार की सफाई
दवा एक्सपायरी और दवाओं की बर्बादी के आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कई बार आपदा प्रबंधन और संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए पहले से बड़ी मात्रा में दवाओं की खरीद करनी पड़ती है। ऐसे मामलों में यदि बीमारी का असर कम हो जाए तो कुछ दवाएं स्टॉक में बच जाती हैं।
उन्होंने दावा किया कि जिन दवाओं को सरकारी लैब जांच में मानक से खराब पाया गया, उनका भुगतान रोक दिया गया और संबंधित बैच को बाजार में भेजने के बजाय वापस कंपनियों को लौटा दिया गया।
सेवा विस्तार विवाद पर भी दी सफाई
शैलेंद्र श्रीवास्तव की नियुक्ति और सेवा विस्तार पर उठे सवालों को भी स्वास्थ्य मंत्री ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी तरह का विशेष लाभ नहीं दिया गया है। विभागीय प्रक्रिया के तहत उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए दिसंबर में उन्हें महज 35 हजार रुपये मानदेय पर नियुक्त किया गया है।
प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और राजनीतिक आरोपों से उनका मनोबल कमजोर नहीं होगा।







